अयोध्या: जिस राम मंदिर के निर्माण के लिए पूरे देश ने अपनी श्रद्धा और गाढ़ी कमाई का हिस्सा दान दिया, आज उसी मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की कथित हेराफेरी और अनियमितताओं ने उन लोगों के चेहरे से नकाब उतार दिया है, जो धर्म की आड़ में अपना ‘व्यापार’ चला रहे हैं।
राम के नाम पर धंधा, जनता की आस्था से खिलवाड़
‘वशिष्ठ वाणी’ का यह सवाल सीधा और स्पष्ट है: क्या प्रभु श्रीराम ने कभी यह कहा था कि उनके नाम का इस्तेमाल करके आप ठगे जाएं? क्या भगवान ने कभी कहा था कि अपनी मेहनत की कमाई को इन धर्म के व्यापारियों की तिजोरियों में भरते रहो? आज यह बेहद शर्मनाक स्थिति है कि जिस श्रद्धा के साथ भक्त राम के चरणों में अपना सब कुछ अर्पित करते हैं, उस धन का एक बड़ा हिस्सा इन ‘धर्म के दलालों’ की जेबों में जा रहा है।
वशिष्ठ वाणी की तीखी टिप्पणी: कब हटेगी आँखों से धर्म की पट्टी?
इतना सब सामने आने के बाद भी यदि आपकी आँखों से अंध-श्रद्धा की पट्टी नहीं हट रही है, तो याद रखिए, ये धर्म के व्यापारी आपको ऐसे ही राम के नाम पर लूटते रहेंगे। राम का नाम जनकल्याण और मर्यादा के लिए है, न कि किसी की निजी तिजोरी भरने या अपना साम्राज्य खड़ा करने के लिए।
क्या है मामला?
मंदिर ट्रस्ट के ही अनुरोध पर अब SIT इसकी जांच कर रही है। प्रारंभिक जाँच में नकदी, सोना और कीमती सामानों के हिसाब-किताब में भारी गड़बड़ियाँ, सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ और सुरक्षा में सेंध की बातें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष जाँच का भरोसा दिया है, वहीं विपक्ष के अखिलेश यादव ने इसे जनता की आस्था के साथ घोर विश्वासघात बताया है।
जनता को समझना होगा सच
इन ‘धर्म के व्यापारियों’ को अब समझना होगा कि जनता जागरूक हो रही है। राम के नाम पर अपना भला करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि आस्था का बाजारीकरण करने वाले अंततः बेनकाब होते ही हैं।
वशिष्ठ वाणी की अपील:
प्रभु श्री राम का नाम पावन है, उसे इन भ्रष्ट हाथों में न पड़ने दें। यह केवल एक मंदिर के चढ़ावे का सवाल नहीं है, यह आपकी उस मेहनत की कमाई का सवाल है जो आपने विश्वास के साथ राम के चरणों में अर्पित की थी। धर्म के नाम पर लूटने वाले इन लोगों से सावधान रहें, क्योंकि ये राम का भला नहीं, सिर्फ अपना पेट भर रहे हैं।
जागिए, सवाल पूछिए और अपनी आस्था को इन व्यापारियों के चंगुल से बचाइए!












