मालाड, मुंबई (विशेष प्रतिनिधि): जनता के मुद्दों को निडरता से उठाने वाले अग्रणी समाचार पत्र ‘वशिष्ठ वाणी’ की खबर का एक बार फिर बड़ा और त्वरित प्रभाव देखने को मिला है। मालाड (पश्चिम) के वार्ड क्रमांक-46, उंदेराई मार्ग स्थित परमपूज्य भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक की जर्जर और बदहाल स्थिति पर ‘वशिष्ठ वाणी’ में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होते ही बीएमसी प्रशासन हरकत में आ गया। प्रशासन ने बिना किसी देरी के चौक की मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य पूरा करा दिया है।
उपेक्षा के खिलाफ ‘वशिष्ठ वाणी’ ने उठाई थी आवाज
गौरतलब है कि उंदेराई मार्ग स्थित इस ऐतिहासिक और सम्मानजनक चौक की टाइल्स टूट चुकी थीं और दीवारों की हालत अत्यंत खस्ता थी। शिव सम्राट फाउंडेशन के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल द्वारा प्रशासन से की गई शिकायत और आंदोलन की चेतावनी को ‘वशिष्ठ वाणी’ ने प्रमुखता से छापा था।
रिपोर्ट में इस बात पर तीखा सवाल उठाया गया था कि एक तरफ अन्य चौकों और महापुरुषों के स्मारकों के सौंदर्यीकरण पर सरकारी निधि खर्च की जा रही है, वहीं देश के संविधान निर्माता के नाम पर बने चौक की अनदेखी क्यों हो रही है?
प्रशासन का त्वरित एक्शन, चौक की चमकी सूरत
अखबार में खबर छपते ही बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा। बीएमसी परिमंडल-4 (Zone-4) प्रशासन द्वारा तुरंत रखरखाव टीम को मौके पर भेजकर टूटी टाइल्स को बदला गया, दीवारों की मरम्मत कराई गई और चौक को स्वच्छ व सुसज्जित रूप दिया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने जताया आभार
चौक की मरम्मत और कायाकल्प का कार्य पूरा होने पर शिव सम्राट फाउंडेशन के अध्यक्ष सम्राट बागुल ने ‘वशिष्ठ वाणी’ की पत्रकारिता की सराहना की और जनहित में तुरंत कदम उठाने के लिए सह आयुक्त परिमंडळ 4, श्रीमती भाग्यश्री कापसे मैडम का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।
“जब जनता की समस्या को निष्पक्ष मीडिया का साथ मिलता है और संवेदनशील अधिकारी उस पर तुरंत संज्ञान लेते हैं, तो यही सच्चे लोकतंत्र की ताकत बनती है। ‘वशिष्ठ वाणी’ ने हमारी आवाज को बुलंद किया और श्रीमती भाग्यश्री कापसे मैडम ने त्वरित कार्रवाई कर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक की गरिमा को बहाल किया।”
— सम्राट बागुल (अध्यक्ष, शिव सम्राट फाउंडेशन)













