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VIBGYOR Rise CBSE School के पास खुद का बस पार्किंग नहीं! सड़क को बनाया ‘अड्डा’, BMC और RTO के NOC पर उठे गंभीर सवाल

विशेष संवाददाता, मुंबई (वशिष्ठ वाणी) — मुंबई के मालाड वेस्ट (राजन पाड़ा, राम नगर) स्थित VIBGYOR Rise CBSE School के बाहर मुख्य सड़क पर इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर स्कूली बसों की अवैध पार्किंग का नेटवर्क चलाया जा रहा है। वशिष्ठ वाणी पिछले कई महीनों से लगातार जनहित में इस गंभीर मुद्दे को उजागर कर रहा है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और बदतर होती जा रही है।

हालत यह है कि स्कूल टाइमिंग के दौरान और उसके बाद भी पूरी सड़क को ‘प्राइवेट बस पार्किंग लॉट’ बना दिया जाता है। ताज्जुब की बात यह है कि जहाँ प्रशासन ने ‘No Parking’ का बोर्ड लगा रखा है, उस जगह को भी स्कूल बसों के ड्राइवरों और प्रबंधकों द्वारा नहीं छोड़ा जा रहा।

क्या कहता है कानून? (Legal Framework & Violation)

कानून और मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान (Educational Institution) को मान्यता मिलने और बसें चलाने के लिए कुछ सख्त नियम बनाए गए हैं, जिनका यहाँ खुलेआम उल्लंघन हो रहा है:

1. BMC और RTO के NOC पर सवाल

  • नियम:‘महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स’ और ‘स्कूल बस सेफ्टी पॉलिसी’ (School Bus Safety Policy) के तहत किसी भी स्कूल को NOC (No Objection Certificate) या लाइसेंस देने से पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि उनके परिसर (Campus) में या उनके अधिकार क्षेत्र में बसों के चढ़ने-उतरने और पार्किंग के लिए पर्याप्त Off-Street Parking Area हो।
  • सवाल: जब विबग्योर राइज स्कूल के पास अपनी खुद की बस पार्किंग की जगह ही नहीं है, तो BMC के बिल्डिंग प्रपोजल डिपार्टमेंट और RTO ने इस परिसर को स्कूल संचालन और बस बेड़े (Fleet) के लिए NOC कैसे जारी कर दी?

2. सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट की गाइडलाइन्स

  • सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) के ‘स्कूल बस सेफ्टी नॉर्म्स’ के अनुसार, किसी भी हाल में स्कूली बच्चों को मुख्य सड़क पर उतारना या चढ़ाना सुरक्षा के लिहाज से अपराध माना गया है। इससे मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है और राहगीरों के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा पैदा होता है।
  • नो-पार्किंग ज़ोन में कतारबद्ध तरीके से पीली बसों का खड़ा होना भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालने (Public Nuisance) की श्रेणी में आता है।

BMC, RTO और ट्रैफिक पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होनी चाहिए?

वशिष्ठ वाणी कानून के दायरे में रहकर प्रशासन से मांग करता है कि केवल फॉर्मेलिटी (चालान) करने के बजाय निम्नलिखित कड़े कदम उठाए जाएँ:

  1. BMC द्वारा कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice):
    BMC के P-North Ward ऑफिसर को मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MMC) एक्ट के तहत स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछना चाहिए कि बिना पार्किंग फैसिलिटी के वे सार्वजनिक सड़क का व्यावसायिक उपयोग कैसे कर रहे हैं।
  2. RTO द्वारा बस परमिट की समीक्षा:
    कांदिवली/मालाड RTO अधिकारियों को इन बसों के परमिट की तुरंत जांच करनी चाहिए। यदि बसें नो-पार्किंग और अवैध जगह पर पाई जाती हैं, तो उनके वेहिकल परमिट को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
  3. क्रेन द्वारा जब्ती और भारी जुर्माना:
    मुंबई ट्रैफिक पुलिस को केवल खानापूर्ति करने के बजाय क्रेन बुलाकर नो-पार्किंग में खड़ी बसों को ज़ब्त (Impound) करना चाहिए, ताकि स्कूल प्रशासन अपनी पार्किंग का इंतजाम करने पर मजबूर हो।

वशिष्ठ वाणी का अल्टीमेटम

अगर विबग्योर राइज स्कूल प्रशासन अपनी बसों के लिए अपने परिसर या किसी वैध पार्किंग लॉट में व्यवस्था नहीं करता, और RTO/BMC मूकदर्शक बने रहते हैं, तो वशिष्ठ मीडिया हाउस बच्चों की सुरक्षा और जनता की सुविधा के लिए इस मामले को शिक्षा विभाग (Education Dept.), RTO कमिश्नर और बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CPCR) के समक्ष औपचारिक शिकायत के रूप में दर्ज कराएगा।

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