📍 वाराणसी |वशिष्ठ वाणी
खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में वाराणसी मंडल ने धान खरीद के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है। किसानों की मेहनत और योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रभावी कृषि नीतियों के चलते इस वर्ष लक्ष्य से अधिक खरीद दर्ज की गई है, जिससे अन्नदाताओं में संतोष और आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा है।
इस वर्ष वाराणसी संभाग (वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर) में धान खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 104.25% रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले भी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, बीते साल की तुलना में इस बार 28,238.33 मीट्रिक टन अधिक धान खरीदा गया है। इसके साथ ही गेहूं खरीद भी 709,957.67 मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।
सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत होने से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। खास बात यह है कि 498 क्रय केंद्रों की स्थापना से किसानों को अब दूर नहीं जाना पड़ रहा, बल्कि गांव के आसपास ही फसल की बिक्री संभव हो रही है। इससे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिला है।
📊 जिलेवार प्रदर्शन
- गाजीपुर: 266615.96 मीट्रिक टन (प्रथम स्थान)
- चंदौली: 239487.02 मीट्रिक टन (द्वितीय स्थान)
- जौनपुर: 163702.16 मीट्रिक टन (तृतीय स्थान)
- वाराणसी: 40152.53 मीट्रिक टन (लक्ष्य से अधिक)
🏢 क्रय केंद्र और लक्ष्य
- वाराणसी: 40 केंद्र | लक्ष्य 38,000 | खरीद 40,152.53
- चंदौली: 130 केंद्र | लक्ष्य 2,25,000 | खरीद 2,39,487.02
- जौनपुर: 160 केंद्र | लक्ष्य 1,60,000 | खरीद 1,63,702.16
- गाजीपुर: 168 केंद्र | लक्ष्य 2,58,000 | खरीद 2,66,615.96
क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य 6,81,000 मीट्रिक टन था, जबकि वास्तविक खरीद इससे काफी अधिक रही।
🌱 किसानों के लिए सकारात्मक संकेत
सरकार की पारदर्शी खरीद व्यवस्था, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सीधी भुगतान प्रणाली ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया है। अब किसान केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
👉 कुल मिलाकर, वाराणसी मंडल में यह रिकॉर्ड खरीद न केवल कृषि क्षेत्र की मजबूती का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही नीति और मेहनत मिलकर कैसे सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।














