लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

वशिष्ठ वाणी का तीखा सवाल: क्या एकता नगर में किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं मुख्यमंत्री और मुंबई RTO?

मुंबई (कांदिवली): मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित एकता नगर रोड इस समय एक बड़े ‘टाइम बम’ पर बैठा है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व मुंबई आरटीओ (RTO) के लापरवाह रवैये के कारण यहां कभी भी एक भयानक दुर्घटना हो सकती है। वशिष्ठ वाणी इस बेहद गंभीर जनहित के मुद्दे को लगातार उठा रहा है, लेकिन सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है।


25 हजार जिंदगियों से खिलवाड़: बीच सड़क पर खड़ी हैं भारत गैस की 14 गाड़ियां

कांदिवली के एकता नगर इलाके में करीब 20 से 25 हजार लोग रहते हैं। इस घनी आबादी वाले क्षेत्र की मुख्य सड़क पर भारत गैस एजेंसी के 14 बड़े वाहन चौबीसों घंटे अवैध रूप से पार्क रहते हैं।


  • सड़क बनी परमानेंट पार्किंग: सार्वजनिक सड़क को गैस एजेंसी ने अपनी जागीर समझकर वहां गाड़ियां खड़ी कर दी हैं। इन सभी वाहनों के पास नंबर प्लेट तो हैं, लेकिन ये एक ही जगह पर 24-24 घंटे डटे रहते हैं।
  • मौत को आमंत्रण: गैस सिलेंडर से भरे ये वाहन किसी बड़ी आगजनी या विस्फोट को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। अगर खुदा-न-खास्ता कोई चिंगारी भी यहां सुलग गई, तो आसपास की 25 हजार आबादी को संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा।

कांदिवली ट्रैफिक विभाग की ‘रहस्यमयी’ खामोशी और सोता हुआ प्रशासन

इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक भूमिका कांदिवली ट्रैफिक विभाग और मुंबई आरटीओ के अधिकारियों की है।

बड़ा सवाल: आखिर किस ‘मलाई’ के चक्कर में ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों को सड़क पर खड़ी मौत की ये 14 गाड़ियां नजर नहीं आतीं? आम जनता की गाड़ियों को पलक झपकते ही टो (Tow) करने वाली ट्रैफिक पुलिस इन भारी कमर्शियल वाहनों के सामने नतमस्तक क्यों है? क्या अधिकारियों का जमीर पूरी तरह मर चुका है?

सिर्फ स्थानीय पुलिस ही नहीं, सूबे के मुखिया और गृह मंत्रालय संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बड़े-बड़े दावों पर भी यह जमीनी हकीकत एक बड़ा तमाचा है। क्या मुख्यमंत्री जी के ‘स्मार्ट और सुरक्षित मुंबई’ के नक्शे में कांदिवली का यह इलाका नहीं आता? या फिर बड़े उद्योगपतियों और गैस एजेंसियों के रसूख के आगे मंत्रालय की फाइलें भी दम तोड़ देती हैं?


आखिर किसका जमीर जागेगा?

वशिष्ठ वाणी महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस कमिश्नर और आरटीओ के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे शब्दों में यह तीखा सवाल करता है:

  1. क्या प्रशासन को एकता नगर में किसी ‘लातूर’ या ‘घाटकोपर’ जैसे बड़े हादसे का इंतजार है?
  2. गैस सिलेंडरों से लदे इन 14 वाहनों को तत्काल प्रभाव से एकता नगर रोड से कब हटाया जाएगा?
  3. कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी?

जनता अब खोखले आश्वासनों से थक चुकी है। अब देखना यह है कि किस मंत्री या बड़े अधिकारी का जमीर जागता है, जो इन 25 हजार मासूम लोगों की जान बचाने के लिए आगे आता है। वशिष्ठ वाणी की पैनी नजर इस खबर पर और प्रशासन की सुस्ती पर लगातार बनी रहेगी।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

मालवाणी POCSO मामला: बच्ची के साथ खड़े होने के बजाय आरोपी पूर्व चेयरमैन की ढाल बने BJP कार्यकर्ता व समर्थक, सूत्रों का दावा- ‘फंसाने’ की अफ़वाह फैलाकर रची जा रही साजिश!

मालवाणी POCSO मामला: बीजेपी आलाकमान ध्यान दे! ‘वार्ड अध्यक्ष’ बनते ही कार्यकर्ताओं में पनपा ‘राजा’ बनने का वहम; एफआईआर फाड़ने से लेकर मीडिया को दी गई धमकियाँ हुईं पस्त!

BREAKING NEWS: मालवाणी में POCSO के तहत म्हाडा सोसाइटी का चेयरमैन बालासाहेब भगत गिरफ्तार; एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने लॉकअप में डाला

POCSO मामले में मालवाणी पुलिस और शताब्दी अस्पताल की बड़ी लापरवाही: 10 घंटे बाद हुआ मासूम का मेडिकल, महिला कांस्टेबल खांडेकर ने पीड़ित परिवार को भटकाने पर किया मजबूर

क्या ‘प्रतिदिन कार्रवाई’ सिर्फ एक कोरा जुमला है? बीएमसी अधिकारी प्रवीण वाघेला के दावों की खुली पोल: कुछ ही मिनटों में वापस कैसे मिल जाता है जब्त सामान?

भूमि पार्क रोड पर ‘गैस एजेंसी’ का कब्जा! कांदिवली ट्रैफिक की मिलीभगत पर जनता का तीखा प्रहार— “दलालों की मलाई के आगे क्या जमीर बेच चुके हैं ये अधिकारी?”

Leave a Comment