लक्ष्य का 83% हासिल, 2026–27 के बजट में 1000 करोड़ रुपये प्रस्तावित
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी: उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सीएम युवा उद्यमी विकास योजना एक मजबूत आधार बनकर उभरी है। वाराणसी में इस योजना के तहत अब तक 2410 युवाओं को ऋण वितरित किया जा चुका है, जो वित्तीय वर्ष 2025–26 के निर्धारित लक्ष्य का 83 प्रतिशत है।
योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। योजना से लाभान्वित उद्यमियों का कहना है कि उद्योग स्थापित करने में पूंजी की कमी सबसे बड़ी बाधा होती है, जिसे यह योजना दूर कर रही है।
2900 इकाइयों का लक्ष्य, 2410 को मिला लाभ
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, वाराणसी के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में 2900 सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 2410 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।
इनमें अधिकांश इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि कुछ स्थापना की प्रक्रिया में हैं। विभाग को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
108.30 करोड़ रुपये का ऋण वितरण
योजना के तहत 2410 लाभार्थियों को कुल 10,830 लाख रुपये (लगभग 108.30 करोड़ रुपये) का ऋण वितरित किया गया है। इसमें 1,083 लाख रुपये की निहित सब्सिडी शामिल है।
लाभार्थियों का वर्गीकरण:
- 693 महिलाएं
- 1717 पुरुष
- 1216 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां
- 1194 सर्विस सेक्टर इकाइयां
इससे स्पष्ट है कि योजना न केवल पुरुषों बल्कि महिलाओं को भी उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रही है।
बजट में बढ़ा भरोसा
योजना की लोकप्रियता और सफलता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2026–27 के बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। इससे प्रदेश के हजारों नए युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
युवाओं के लिए ‘संजीवनी’
योजना से लाभान्वित उद्यमियों का कहना है कि जिन युवाओं के पास व्यवसाय शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं होती, उनके लिए यह योजना संजीवनी साबित हो रही है।
अदिति सिंह, संस्थापक श्री विधि पर्सनल केयर एंड वेलनेस प्रोडक्ट, कहती हैं: “इस योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब हम खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
अन्य लाभार्थियों का भी मानना है कि सरकार द्वारा लक्ष्य और बजट में बढ़ोतरी से युवाओं का उत्साह और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उद्यम स्थापना की पूरी प्रक्रिया में सहयोग भी प्रदान करती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।
वाराणसी में योजना की सफलता इस बात का संकेत है कि यदि सही नीति और वित्तीय सहयोग मिले, तो युवा किसी भी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।














