मुंबई | वशिष्ठ वाणी
मालवणी क्षेत्र में अवैध निर्माण और सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर लगातार सवाल उठने के बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो फेडरेशन का भारी बोर्ड हटाया गया है और न ही अवैध केबिन पर कोई कार्रवाई हुई है।
कुछ दिन पहले वशिष्ठ वाणी दैनिक की टीम ने इस पूरे मामले को लेकर म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे से सीधे सवाल किए थे, लेकिन उसके बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आया।
स्थानीय नागरिकों में अब यह धारणा बनती जा रही है कि यदि कोई अधिकारी यह ठान ले कि अवैध कार्यों पर कार्रवाई नहीं करनी है, तो बार-बार शिकायत और समाचार प्रकाशन का भी कोई असर नहीं पड़ता।

मीडिया ने जारी रखी है सवालों की मुहिम
वशिष्ठ वाणी दैनिक स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि यह मुद्दा यहीं खत्म नहीं होगा। जब तक:
- फेडरेशन का खतरनाक बोर्ड नहीं हटाया जाता,
- अवैध केबिन को नहीं तोड़ा जाता,
- और मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसायटी द्वारा बनाए गए अवैध गार्डन पर कार्रवाई नहीं होती,
तब तक हमारी मीडिया लगातार संबंधित अधिकारी रोहित शिंदे से सवाल पूछती रहेगी।
खतरे की अनदेखी कब तक?
गौरतलब है कि फेडरेशन का यह भारी बोर्ड पहले भी एक बार गिर चुका है। इसके बावजूद उसे दोबारा उसी स्थान पर लगाया गया है। बार-बार सूचना देने के बाद भी यदि इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी जा रही है कि यदि भविष्य में यह भारी बोर्ड दोबारा गिरता है और कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे की मानी जाएगी, क्योंकि उन्हें बार-बार इस खतरे से अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे इस बार कोई कार्रवाई करते हैं या फिर मालवणी के नागरिकों की सुरक्षा यूं ही नजरअंदाज होती रहेगी।












