जनपद अमेठी के जायस पावर हाउस से जुड़े तिलोई समेत अन्य कई फिडरों पर रोज शाम होते ही बिजली की रोस्टिंग कर दी जाती है, जिससे जनापुर, भागीरथपुर, मोहना, अगौना समेत कई गांव अंधेरे में डूब जाते हैं।बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम का समय महिलाओं के लिए खाना बनाने और बच्चों के पढ़ाई का होता है, और ग्रामीण क्षेत्र में बच्चे पढ़ाई न करने का बहाना ही ढूंढते हैं। विद्युत विभाग उनकी पढ़ाई न करने में पूरी मदद कर रहा है।
क्या विभागीय अफसरों को नहीं पता कि ग्रामीण क्षेत्र इतना विकसित नहीं है और सब के घर पर इनवर्टर नहीं लगा है? पता भी कैसे चलेगा, जो अफसर एयर कंडीशनर में रहता है उसे ग्रामीण क्षेत्र का क्या ही अंदाजा होगा।
रोज इसी समय बिजली चले जाने से लोगों को अंधेरे में ही काम करना पड़ता है। वहीं बढ़ते मच्छरों के कारण डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। क्या अफसरों और विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को ये नहीं पता कि मच्छर काटने से कितनी बीमारियां होती हैं?
कहीं न कहीं ग्रामीण क्षेत्रों में काफी परेशानी का कारण बन सकती है ये रोस्टिंग। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि रोस्टिंग का समय बदला जाए और बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।














