गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘निषाद कार्ड’ हमेशा से अहम रहा है, लेकिन आज गोरखपुर में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया। अपनी पार्टी की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद मंच पर ही भावुक होकर रो पड़े। उनके आंसू देख वहां मौजूद समर्थक भी भावुक हो गए।
संजय निषाद के भावुक होने की असली वजह
गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में आयोजित इस रैली में संजय निषाद निषाद समाज के आरक्षण और उनके हक की लड़ाई का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके समाज ने दशकों तक उपेक्षा झेली है। आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उनकी आवाज लड़खड़ा गई और वे अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने समाज से एकजुट होने की विशेष अपील करते हुए कहा, “यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, आपके बच्चों के भविष्य की है।”
निषाद समाज के लिए विशेष अपील और राजनीतिक मायने
मंत्री ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपना अधिकार लेकर रहेगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से निषाद जाति को मझवार आरक्षण की श्रेणी में शामिल करने की मांग को फिर से दोहराया। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी की राजनीति में यह भावनात्मक कार्ड निषाद वोट बैंक को एकजुट करने की एक बड़ी कोशिश है।
विपक्ष के हमले और सरकार का रुख
एक तरफ जहाँ संजय निषाद भावुक अपील कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे चुनावी स्टंट बता रहा है। हाल ही में बिहार में मुकेश रोशन के आरोपों के बाद अब यूपी में भी पिछड़ा वर्ग की राजनीति गरमा गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार लगातार सामाजिक न्याय की बात कर रही है।








