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वशिष्ठ वाणी ग्राउंड रिपोर्ट: मालाड में ‘Jain Subkuchh Food Plaza’ का कब्जा बरकरार, क्या प्रशासन ने टेक दिए हैं घुटने?

मुंबई (विशेष संवाददाता): ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम ने आज एक बार फिर मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड पर Jain Subkuchh Food Plaza का दौरा किया। हैरानी की बात यह है कि लगातार शिकायतों और तथाकथित प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद, यहाँ की स्थिति रत्ती भर भी नहीं बदली है। आज भी फुटपाथ पर गाड़ियों का अवैध जमावड़ा है और राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर हैं।

ग्राउंड जीरो से हकीकत: नियमों को ठेंगा दिखा रहा होटल प्रबंधन!

हमारी टीम ने देखा कि होटल के सामने का फुटपाथ आज भी पूरी तरह ग्राहकों की गाड़ियों और अवैध पार्किंग से घिरा हुआ है।

  • पैदल चलना दूभर: बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह फुटपाथ अब ‘नो-गो ज़ोन’ बन चुका है। पैदल चलने वालों को अपनी जान जोखिम में डालकर भारी ट्रैफिक के बीच से रास्ता बनाना पड़ रहा है।
  • दिखावे की कार्रवाई: बीएमसी (BMC) और पुलिस की गाड़ियाँ आती हैं, लेकिन होटल के बाहर खड़े वाहनों पर कोई स्थायी असर नहीं दिखता। सवाल यह है कि क्या कार्रवाई केवल फाइलों को भरने के लिए की जा रही है?

वशिष्ठ वाणी का सीधा प्रहार: आखिर कब तक चलेगी यह ‘सेटिंग’?

स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ से बात करते हुए निवासियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं:

  1. P/North Ward की सुस्ती: बार-बार सबूत देने के बाद भी Jain Subkuchh के खिलाफ ‘कठोर कार्रवाई’ (जैसे लाइसेंस रद्द करना) क्यों नहीं की जा रही?
  2. ट्रैफिक पुलिस की चुप्पी: क्या न्यू लिंक रोड पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों को फुटपाथ पर खड़ी ये गाड़ियाँ नजर नहीं आतीं? या फिर ‘मलाई’ का खेल यहाँ भी जारी है?

जनता का आक्रोश: “प्रशासन को सिर्फ शिकायत का बहाना चाहिए”

एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “हम थक चुके हैं शिकायतें कर-कर के। हर बार बोला जाता है कि कार्रवाई होगी, लेकिन ‘वशिष्ठ वाणी’ की रिपोर्ट आज भी वही दिखा रही है—फुटपाथ गायब है। ऐसा लगता है जैसे यह फुटपाथ होटल की निजी पार्किंग है।”

हमारा अल्टीमेटम: ‘वशिष्ठ वाणी’ चुप नहीं बैठेगी!

हम MyBMC और @MumbaiPolice से पूछना चाहते हैं कि Subkuchh Complex के सामने से यह अतिक्रमण कब हटेगा?

  • मांग: हमें सिर्फ ‘जुर्माना’ नहीं, ‘समाधान’ चाहिए। फुटपाथ पर स्थायी बैरिकेड्स लगाए जाएं और बार-बार नियम तोड़ने वाले इस संस्थान को सील किया जाए।

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