- वशिष्ठ वाणी न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई: जनहित की आवाज़ उठाने और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करने की ‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ की मुहिम का बड़ा असर देखने को मिला है। हाल ही में सामना नगर (मालवणी गेट नंबर 8) में फेडरेशन द्वारा म्हाडा के आपातकालीन रास्ते पर किए गए अवैध निर्माण और पार्किंग के खेल का हमारे न्यूज़ नेटवर्क ने पर्दाफाश किया था। उस खबर का संज्ञान लेते हुए म्हाडा प्रशासन ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर तो चलाया और 1,08,000 रुपये का जुर्माना भी ठोका, लेकिन मुख्य दोषियों (फेडरेशन के अध्यक्ष/सचिव) पर एफआईआर (FIR) दर्ज न करके मामले को दबाने की कोशिश की।
‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ द्वारा तत्कालीन म्हाडा अधिकारी एम. वी. माकणे (M. V. Makane) की इस ढुलमुल कार्यशैली और संदिग्ध भूमिका पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इस साहसिक खबर को देखने के बाद अब मालाड (पूर्व) स्थित शिवधाम कॉम्प्लेक्स (CTS No. 104 J(Pt) & 147(Pt)) के जागरूक निवासियों ने ‘वशिष्ठ वाणी’ से संपर्क साधा और अधिकारी माकणे के कार्यकाल के दौरान हुए एक और बड़े कारनामे का पूरा ‘काला चिट्ठा’ सबूतों और म्हाडा के आधिकारिक पत्रों के साथ खोलकर रख दिया है।
“9 महीने से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, हमारी आवाज़ बनिए” — पीड़ितों की गुहार
शिवधाम कॉम्प्लेक्स के निवासियों ने ‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ पर अटूट विश्वास जताते हुए अपनी आपबीती साझा की और म्हाडा के तत्कालीन अधिकारी माकणे के कार्यकाल में हुई लापरवाही का पर्दाफाश किया:
- 9 महीने से पानी बंद, टेंडर शर्तों की धज्जियां:
दिसंबर 2025 में घर का कब्ज़ा मिलने के बाद से ही निवासी पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। टेंडर शर्त संख्या 66 के तहत डेवलपर (M/s. Prime Civil Infrastructure Pvt. Ltd.) को बोरवेल बनवाकर और लैब टेस्ट रिपोर्ट पास कराकर म्हाडा/सोसाइटी को सौंपना था, जो आज तक नहीं मिला। - जान से खिलवाड़: बंद पड़ा है इमरजेंसी फायर सिस्टम:
भवन में आपातकालीन फायर हाइड्रेंट का वाल्व खोलने पर एक बूंद पानी नहीं आता। IOA शर्त संख्या 19 के तहत बिना कार्यशील फायर सेफ्टी सिस्टम के कब्ज़ा देना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इसके बावजूद तत्कालीन अधिकारी माकणे के कार्यकाल में बिना ऑन-साइट भौतिक निरीक्षण के फाइलों को हरी झंडी कैसे मिली? - पीने के पानी में दूषित पानी मिलाने का षड्यंत्र:
साक्ष्यों के अनुसार अंडरग्राउंड फायर टैंक का ओवरफ्लो पाइप सीधे पीने के पानी की टंकी से जोड़ दिया गया है, जो IOA की शर्त संख्या 23 का खुला उल्लंघन है। रुका हुआ गंदा पानी निवासियों के पीने के पानी में मिल रहा है, लेकिन बार-बार पत्र देने के बावजूद अधिकारी माकणे ने शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ का संकल्प: भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जंग जारी रहेगी
‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ का एकमात्र उद्देश्य आम जनता की आवाज़ बनना, पीड़ितों को न्याय दिलाना और शासन-प्रशासन में बैठे भ्रष्ट व लापरवाह अधिकारियों का पर्दाफाश करना है। सामना नगर में आधा-अधूरा बुलडोजर चलाकर और एफआईआर न करके जिस तरह म्हाडा ने मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, ठीक वही रवैया शिवधाम कॉम्प्लेक्स में भी अपनाया गया।
अब जबकि अधिकारी माकणे का तबादला/प्रमोशन होकर वे बांद्रा मुख्यालय पहुँच चुके हैं, निवासियों का सवाल वाजिब है—क्या पद बदलने से पूर्व में की गई अनदेखी और जनता के जीवन से खिलवाड़ की जवाबदेही खत्म हो जाती है?
‘वशिष्ठ वाणी न्यूज़’ की म्हाडा प्रशासन और राज्य सरकार से प्रमुख मांगे:
- 1. शिवधाम कॉम्प्लेक्स में 9 महीने से बंद पड़े फायर सिस्टम, दूषित पानी के कनेक्शन और बोरवेल न मिलने के मामले की उच्चस्तरीय जाँच की जाए।
- 2. तत्कालीन अधिकारी एम. वी. माकणे की कार्यशैली और शिकायतों को दबाने के रवैये पर म्हाडा का सतर्कता विभाग (Vigilance Department) तुरंत विभागीय जाँच शुरू करे।
- 3. सामना नगर मामले में एफआईआर दर्ज न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो और शिवधाम कॉम्प्लेक्स के निवासियों को तुरंत सुचारू जल आपूर्ति व फायर सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
(वशिष्ठ वाणी न्यूज़ हर पीड़ित नागरिक के साथ खड़ा है। जब तक म्हाडा के भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और शिवधाम कॉम्प्लेक्स को न्याय नहीं मिलता, यह आवाज़ दबने वाली नहीं है!)














