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Machail Mata Yatra  2024: श्री माता मचैल मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार तीर्थयात्री 17 अगस्त को परंपरा के अनुसार जम्मू से छड़ी (पवित्र गदा) जुलूस निकाले जाएंगे. अंतिम चरण में है इसकी तैयारी. 

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पिछले 11 दिनों से जारी श्री मचैल माता यात्रा (Machail Mata Yatra) के तहत अब तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माता का दर्शन कर चुके हैं. मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि 43 दिवसीय यात्रा 25 जुलाई को शुरू हुई थी. रविवार को मचैल पद्दार के पवित्र श्री चंडी माता मंदिर में 8,535 तीर्थयात्रियों के दर्शन के साथ 50 हजार का आंकड़ा पार कर गई.

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अब यह यात्रा जम्मू संभाग में सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राओं में से एक हो गया है, जो रियासी जिले के कटरा कस्बे में माता वैष्णो देवी मंदिर के बाद दूसरे स्थान पर है. पिछले साल इस यात्रा में दो लाख से अधिक तीर्थयात्री शामिल हुए थे. इस बार यात्रियों की संख्या तीन लाख पार करने की उम्मीद है. 

17 अगस्त को निकाले जाएंगे छड़ी जुलूस

श्री माता मचैल मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार तीर्थयात्री 17 अगस्त को परंपरा के अनुसार जम्मू से छड़ी (पवित्र गदा) जुलूस निकाले जाएंगे. जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और उपायुक्त देवांश यादव के नेतृत्व में किश्तवाड़ जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से श्री मचैल माता यात्रा के यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. 

भक्त इन सुविधाओं का उठा सकते हैं लाभ 

श्री माता मचैल यात्रा के काम में जुटे अधिकारी पूरे लगन से काम कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार मचैल भवन के पास और रास्ते में श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए लंगर (सामुदायिक रसोई) में तीर्थयात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अतिरिक्त गुलाबगढ़ में यात्री भवन, किश्तवाड़ जिला प्रशासन के सफायर गेस्ट हाउस के साथ मचैल में चंडी माता भवन के पास विभिन्न टेंटों और यात्री सराय में ठहरने की सुविधा आगंतुकों को आराम करने के लिए मुहैया कराई है. 

यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर की भी सुविधा

किश्तवाड़ के डीसी देवांश यादव ने श्रद्धालुओं से सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. उन्होंने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित और सुखद यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सड़क, जलापूर्ति, फुटपाथ, स्वच्छता, सुरक्षा, हेलिकॉप्टर सेवाओं और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. गुलाबगढ़ से मचैल अक्ष पर चशोती तक एक सड़क जुड़ने से ट्रैकिंग की दूरी तीन से चार घंटे तक कम हो गई है। 

यात्री यहां से हासिल करें डिटेल जानकारी

डीसी देवांश यादव ने लोगों से ऑनलाइन पंजीकरण और मौसम की स्थिति, मार्ग और अन्य सुविधाओं सहित तीर्थयात्रा के बारे में लेटेस्ट जानकारी के लिए आधिकारिक मचैल यात्रा वेबसाइट पर जाकर हासिल करने को कहा है. यह संसाधन तीर्थयात्रियों को सूचित रहने और उनके किसी भी प्रश्न का समाधान करने में मदद करने के लिए बनाया गया है. उन्होंने कहा कि यात्रियों को अपने आधार कार्ड साथ रखने और वेबसाइट पर दिशानिर्देश देखने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस वर्ष श्री मचैल यात्रा में भाग लेने वाले सभी भक्तों के लिए एक सहज और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. श्री मचैल माता मंदिर की ऊंचाई 9,705 फीट है. 

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