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ग्राउंड रिपोर्ट: कांदिवली का ‘तिराहा’ या ऑटो गैरेज? प्रशासन की लापरवाही से लिंक रोड पर लगा जाम का ग्रहण!

कांदिवली: कांदिवली लिंक रोड, जो एकता नगर की ओर जाती है, वहां स्थित तिराहा (Tiraha) आजकल आम राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। जिस जगह को व्यवस्थित और सुरक्षित होना चाहिए था, वहां आज अवैध ‘ऑटो-गैरेज’ का कब्जा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ लंबे समय से इस गंभीर मुद्दे को उठा रही है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

तिराहे पर मरम्मत का काम!

सरेआम सड़क के बीचों-बीच और सिगनल के ठीक नीचे ऑटो रिक्शा के पुर्जे खोले जा रहे हैं और गाड़ियाँ मरम्मत के नाम पर घंटों खड़ी की जा रही हैं। जिस स्थान पर वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए जगह होनी चाहिए, वहां मैकेनिकों ने अपना अड्डा बना लिया है। नतीजा? यहां से गुजरने वाले हर वाहन चालक को दिनभर भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।

वशिष्ठ वाणी का सीधा प्रहार:

  • प्रशासन की विफलता: क्या कांदिवली ट्रैफिक विभाग को यह नहीं दिखता कि जिस तिराहे को जनता की सुविधा के लिए बनाया गया था, उसे आज खुलेआम एक ‘निजी गैरेज’ में बदल दिया गया है?
  • नए अधिकारी से सवाल: कांदिवली में नए वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति के बाद जनता को उम्मीद थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्या नए अधिकारी द्वारा इस पर कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह अव्यवस्था यूं ही चलती रहेगी?
  • समाधान की मांग: यह कोई छोटी समस्या नहीं है, यह ट्रैफिक सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा खतरा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ का स्पष्ट मानना है कि इसका एकमात्र समाधान ‘सख्त कार्रवाई’ है। तिराहे के आसपास चल रहे इन अवैध गैरेजों को तत्काल बंद कराया जाए और सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया जाए।

क्या प्रशासन जागेगा?

सड़कें जनता के चलने के लिए हैं, न कि ऑटो रिक्शा ठीक करने या निजी व्यापार चलाने के लिए। ‘वशिष्ठ वाणी’ कांदिवली ट्रैफिक विभाग को आगाह करती है कि यह समस्या अब ‘अति’ हो चुकी है। हम तब तक यह मुद्दा उठाते रहेंगे जब तक इस तिराहे से अवैध कब्जा पूरी तरह नहीं हट जाता।

प्रशासन को यह समझना होगा—लिंक रोड के इस तिराहे पर ट्रैफिक का असली कारण अवैध गैरेज ही हैं, और इसे बंद कराना ही एकमात्र समाधान है!


जुड़े रहिए ‘वशिष्ठ वाणी’ के साथ, हम उठाते रहेंगे आपके हक की आवाज!

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