मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड (चिंचोली बंदर रोड, मलाड वेस्ट) पर स्थित लोकप्रिय फ्लैग रेस्टोरेंट (Flag Restaurant) के बाहर और उसके अंदर चल रहा प्रशासनिक मिलीभगत का खेल अब किसी से छिपा नहीं है। इस रेस्टोरेंट के पास खुद की वैध पार्किंग की एक इंच जगह भी नहीं है, इसके बावजूद यहाँ धड़ल्ले से कारोबार चल रहा है। हालात यह हैं कि जब भी अवैध पार्किंग की कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो जादू की तरह धीरे-धीरे सारी गाड़ियां वहाँ से हटने लगती हैं—मानो शिकायत का सीधा ट्वीट या मैसेज सीधे फ्लैग रेस्टोरेंट के मालिक के पास पहुँच जाता हो!
शिकायत लीक होने का खेल और ट्रैफिक पुलिस की ‘छुट्टी’
- जादुई तरीके से गाड़ियों का गायब होना: नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जैसे ही आवाज उठाई जाती है, तुरंत गाड़ियां वहाँ से गायब हो जाती हैं। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि महकमे के भीतर बैठे किसी खास शख्स की इन संचालकों के साथ गहरी ‘सेटिंग’ है, जो हर शिकायत की भनक पहले ही अंदर पहुँचा देता है।
- बर्थडे पार्टी और ट्रैफिक विभाग की लाचारी: अगर कभी इस रेस्टोरेंट के अंदर कोई बर्थडे पार्टी या बड़ा जलसा चल रहा हो, तो आप चाहे जितनी शिकायतें कर लें—जब तक पार्टी पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक गोरेगांव ट्रैफिक विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उधर झाँकने तक नहीं आता।
सिस्टम का कड़वा सच: शिकायतों का अंबार पर कार्रवाई सिफर
बिना पार्किंग के आसानी से चल रहे इस रेस्टोरेंट और बाहर सड़क पर लगने वाले जाम को लेकर जनता लगातार आवाज उठाती रही है। लेकिन जब सिस्टम में बैठे अधिकांश अधिकारी और कर्ता-धर्ता खुद भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हों, तो आप चाहे जितनी खबरें छाप लें या शिकायतें कर लें—न तो गोरेगांव ट्रैफिक विभाग अवैध पार्किंग पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा, और न ही इन रसूखदारों पर कोई शिकंजा कसा जाएगा।
जब तक जनता की गाढ़ी कमाई पर पलने वाले और इन रसूखदारों के इशारे पर अपनी आँखें मूंदने वाले ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड (Suspend) करके बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तब तक इस शहर में कानून सिर्फ कागजों पर ही दम तोड़ता रहेगा। ‘वशिष्ठ वाणी’ इस सिस्टम के हर एक भ्रष्ट चेहरे और उनकी मिलीभगत के जाल को तब तक बेनकाब करता रहेगा, जब तक इन्हें इनके अंजाम तक नहीं पहुँचा दिया जाता।











