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दशाश्वमेध पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया आत्महत्या के लिए उकसाने वाला वांछित अभियुक्त; सुसाइड नोट व वीडियो मिले मामले का हुआ खुलासा

  • प्रहलाद पाण्डेय

वाराणसी, 10 दिसंबर 2025। दशाश्वमेध पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक गंभीर मामले में वांछित चल रहे अभिषेक बेरी (45) को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में मृतक द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट और मृत्यु से पहले बनाया गया वीडियो अहम साक्ष्य के रूप में प्राप्त हुआ है, जिनके आधार पर अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे वांछित किया गया था।

मामला थाना दशाश्वमेध पर पंजीकृत मु0अ0सं0-230/2025 (धारा 108 बी.एन.एस.) से संबंधित है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त का ठिकाना बदलते रहने तथा अन्य राजधानिक जिलों में संभावित ठिकानों के कारण उसकी तलाश में समय लगा, लेकिन समन्वित अभियान एवं सर्विलांस मदद से उसे पकड़ने में सफलता मिली।


घटना का क्रम — तफ्तीश से गिरफ्तारी तक

  • 2 नवंबर 2025 — थाना दशाश्वमेध में मृतक के परिजनों/वादी द्वारा प्रार्थना-पत्र के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई कि सम्बन्धित व्यक्ति ने गंगा नदी में कूदकर जीवन समाप्त कर लिया। उसी आरोप के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
  • पुलिस ने प्रारम्भिक जाँच में सुसाइड नोट और घटना से पहले मृतक द्वारा बनाए गए वीडियो प्राप्त किए। इन साक्ष्यों की पड़ताल से यह संदेह पनपा कि किसी अन्य व्यक्ति के प्रेरक व उकसाने के कारण ही यह विकल्प अपनाया गया।
  • इसके बाद पुलिस ने संबंधित संदिग्धों की पहचान कर आवश्यक धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर वांछित घोषित किया।
  • 10 दिसंबर 2025 — दशाश्वमेध पुलिस की टीम ने आरोपित अभिषेक बेरी को लखनऊ के रिशिता अपार्टमेंट, फ्लैट नं.401, टावर B1, अहिमामऊ, अर्जुनगंज से गिरफ्तार किया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

गिरफ्तार अभियुक्त का प्रोफ़ाइल व पृष्ठभूमि

  • नाम: अभिषेक बेरी
  • पिता: स्व. शशिकान्त बेरी
  • स्थायी पता: 122 बिजया कॉम्प्लेक्स, महमूरगंज, थाना भेलूपुर, वाराणसी
  • वर्तमान पता (गिरफ्तारी के समय): फ्लैट 401, टावर B1, रिशिता अपार्टमेंट, अहिमामऊ, अर्जुनगंज, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ
  • उम्र: 45 वर्ष

पुलिस ने बताया कि अभियुक्त कई बार अपना ठिकाना बदल चुका था और उसकी सक्रियता से बचने के प्रयास के संकेत मिले। गिरफ्तारी के समय उसे आवश्यक कागजात व अन्य सामग्री के साथ पकड़ा गया, जिनकी जांच जारी है।


पुलिस जांच में मिले साक्ष्य — क्या है मामला?

थाना दशाश्वमेध की प्रारम्भिक पुलिस रिपोर्ट के अनुसार—

  • मृतक द्वारा छोड़ा गया लिखित सुसाइड नोट और मृत्यु पूर्व का वीडियो जाँच में निर्णायक साक्ष्य बने। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों में आत्महत्या की वजहों और किसी तीसरे पक्ष के द्वारा उकसाने के संकेत मिलते हैं।
  • अभियुक्त के खिलाफ दर्ज धाराएँ तथा साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और आवश्यक Forensic/Technical जांच कराने की योजना बना रही है (जैसे—वीडियो की सत्यता, मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक ट्रेस, सुसाइड नोट की लेख जांच आदि)।

जाँच की सतह पर यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद का नहीं, बल्कि किसी के प्रेरणात्मक कृत्य के कारण किसी की जान चली जाने से जुड़ा गंभीर अपराध होने के संकेत देता है। इसलिए पुलिस ने मामले को प्राथमिकता दी और संदिग्ध की खोज तेज की।


कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्यवाही

गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को थाना में लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि—

  • अभियोग के तहत आवश्यक वैधानिक धाराओं के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध फ़रार व वांछित स्थिति से गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
  • आगे की जांच में अगर अभियुक्त के और भी साथियों/सह-आरोपियों के संबंध की पुष्टि होती है, तो पुलिस उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई करेगी।
  • मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक, तकनीकी व कानूनी कदम उठा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूर्ण होने के बाद प्रासिक्यूशन के साथ समन्वय कर आरोप पत्र दायर किया जाएगा।


गिरफ्तारी में शामिल टीम और सराहनीय कार्य

गिरफ्तारी दशाश्वमेध पुलिस टीम के समन्वित संचालन का परिणाम है। गिरफ्तारी में निम्न पुलिसकर्मियों की सराहना की जा रही है—

  1. उ0नि0 अजितेश कुमार चौधरी, चौकी प्रभारी कोदई, थाना दशाश्वमेध
  2. उ0नि0 विजय कुमार चौधरी, चौकी प्रभारी देवनाथपुरा, थाना दशाश्वमेध
  3. का0 राजन सिंह, थाना दशाश्वमेध
  4. का0 अश्वनी सिंह, सर्विलांस सेल, वाराणसी

पुलिस सूत्रों के अनुसार सर्विलांस फुटेज, मोबाइल कॉल-डेटा और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अभियुक्त के ठिकानों का पता लगाया गया और लखनऊ में सक्रिय टीम के समन्वित आक्रमण से उसे पकड़ा गया।


सामाजिक-साक्ष्य और स्थानीय प्रतिक्रिया

मामला संवेदनशील होने के कारण स्थानीय समुदाय और मृतक के परिजन मामले पर ध्यान रखे हुए हैं। परिजन चाहते हैं कि आरोपों की पूरी जांच हो और दोषियों को कड़ी सज़ा मिले। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष व जल्द सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि आत्महत्या के ऐसे मामलों में प्रेरणा-उकसाने (abetment to suicide) की धाराएँ गंभीर होती हैं और साक्ष्यों के आधार पर कन्फेशन/तकनीकी प्रमाण मिलने पर कड़ी कार्रवाई संभव है।


निष्कर्ष व आगे का रास्ता

यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह दिखाता है कि किसी भी प्रकार का उकसाना कितने गंभीर परिणाम ला सकता है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, पर जांच अभी चल रही है और फोरेंसिक व तकनीकी सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला किस सीमा तक संगठित या परिचित-व्यक्ति-निर्भर था।

दशाश्वमेध पुलिस ने कहा है कि जांच संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जनहित व न्याय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रॉसिक्यूशन मिलकर आगे कार्य करेंगे।

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