मुंबई: मालाड वेस्ट के चिनचोली बंदर रोड पर स्थित Vibgyor Rise School के पास की सड़क अब ‘पार्किंग ज़ोन’ बनकर रह गई है। बड़े स्कूल का नाम है, लेकिन बसों की पार्किंग के लिए जगह सड़क ही है, जिसके कारण रोज़ाना हज़ारों राहगीर भारी जाम में फँसने को मजबूर हैं।
प्रशासन की चुप्पी: क्यों मेहरबान हैं गोरेगांव आरटीओ अधिकारी?
सवाल यह है कि आखिर गोरेगांव आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस इस स्कूल प्रबंधन पर इतनी मेहरबान क्यों है?
- नोटिस से परहेज़ क्यों? शहर के अन्य इलाकों में छोटे-मोटे अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई करने वाला विभाग इस बड़े स्कूल को आज तक कोई औपचारिक नोटिस क्यों जारी नहीं कर पाया है?
- बसों की जब्ती क्यों नहीं? सड़क पर अवैध तरीके से खड़ी स्कूल बसों को ज़ब्त करने में अधिकारियों के हाथ क्यों कांपते हैं? क्या यहाँ कानून सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गया है?
वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल
‘वशिष्ठ वाणी’ के माध्यम से मालाड की जनता पूछना चाहती है:
- सुरक्षा से समझौता: क्या सड़क पर बसों का जमावड़ा किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?
- समान नियम का उल्लंघन: जब आम आदमी की गाड़ी थोड़ी सी गलती पर उठा ली जाती है, तो Vibgyor Rise School को यह ‘विशिष्ट’ छूट किसके इशारे पर मिल रही है?
प्रशासन को अंतिम चेतावनी
अगर आरटीओ और ट्रैफिक विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और इस अवैध पार्किंग को तुरंत नहीं हटाया, तो यह मामला उच्च अधिकारियों तक ले जाया जाएगा। जनता अब और अधिक इंतज़ार करने के मूड में नहीं है।














