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NEET UG दोबारा परीक्षा: नागपुर के छात्र का केंद्र ‘अबू धाबी’ होने से मचा हड़कंप, NTA ने दी सफाई

मुंबई/नागपुर: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG की दोबारा परीक्षा (Re-NEET) को लेकर सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक अजीबोगरीब मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। नागपुर के एक छात्र को जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र ‘अबू धाबी’ (संयुक्त अरब अमीरात) आवंटित किए जाने की खबर ने हड़कंप मचा दिया था। हालाँकि, अब इस पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो गई है।

क्या था पूरा मामला?

NEET-UG की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले नागपुर के एक छात्र को जब अपना एडमिट कार्ड प्राप्त हुआ, तो वह दंग रह गया। परीक्षा केंद्र के रूप में उसके शहर (नागपुर) के बजाय ‘अबू धाबी’ का नाम दर्ज था। इतने दूर परीक्षा केंद्र आवंटन की खबर ने अभिभावकों और छात्रों में रोष पैदा कर दिया। यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी, जिसे लेकर कई भ्रामक दावे भी किए जा रहे थे।

NTA की आधिकारिक सफाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया है:

  • तकनीकी त्रुटि नहीं, फॉर्म में बदलाव: NTA के अनुसार, छात्र का सेंटर रैंडम अलॉटमेंट के कारण नहीं बदला था। एजेंसी के रिकॉर्ड में यह पाया गया कि जिस कंप्यूटर या IP एड्रेस से छात्र का फॉर्म भरा गया था, वहीं से परीक्षा केंद्र की वरीयता (Preference) को अपडेट किया गया था, जिसमें ‘अबू धाबी’ को पहली पसंद के तौर पर चुना गया था।
  • संज्ञान और समाधान: इस सूचना के सार्वजनिक होने और छात्र द्वारा चिंता व्यक्त करने के बाद, NTA ने मामले को संज्ञान में लिया। छात्र की असुविधा को देखते हुए, उसका परीक्षा केंद्र वापस ‘नागपुर’ में ही आवंटित कर दिया गया है।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सावधानियाँ

इस घटना से छात्रों को यह सीख मिलती है कि:

  1. फॉर्म भरते समय सतर्कता: अपना आवेदन फॉर्म या परीक्षा केंद्र की प्राथमिकताएं भरते समय विशेष सावधानी बरतें।
  2. आधिकारिक सूचना पर भरोसा: ऐसी किसी भी खबर पर तुरंत विश्वास न करें जो ‘नेट’ या ‘यूजीसी नेट’ जैसी परीक्षाओं को लेकर भ्रामक जानकारी फैला रही हों। यह मामला केवल NEET-UG की दोबारा परीक्षा से संबंधित था।
  3. सत्यापन: किसी भी एडमिट कार्ड में त्रुटि होने पर तुरंत NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित विभाग से संपर्क करें।

निष्कर्ष:

यह घटना सिस्टम की कोई खामी न होकर, डेटा में हुए मानवीय या तकनीकी बदलाव का परिणाम थी, जिसे अब दुरुस्त कर लिया गया है। छात्रों से अनुरोध है कि वे भ्रामक खबरों से दूर रहें और अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।

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