वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। खेल-खेल में पीले कनेर के विषैले फल का सेवन करने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों के अनुसार, बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान अनजाने में तीनों ने कनेर का फल खा लिया, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन बच्चों को तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। दूसरे बच्चे को पांडेयपुर स्थित एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन वहां भी चिकित्सक उसे नहीं बचा सके। तीसरे बच्चे को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

मृतक बच्चों की पहचान नैंसी प्रजापति (6 वर्ष), गौरी प्रजापति (6 वर्ष) और अंशिका प्रजापति (3 वर्ष) के रूप में हुई है। एक ही परिवार के तीन मासूमों की असमय मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पीला कनेर (येलो ओलियंडर) का फल और बीज अत्यंत विषैला होता है। इसमें पाए जाने वाले कार्डिएक ग्लाइकोसाइड्स हृदय पर गंभीर प्रभाव डालते हैं, जिससे उल्टी, चक्कर, हृदय गति में अनियमितता और गंभीर स्थिति में मृत्यु तक हो सकती है। छोटे बच्चों के लिए यह पौधा विशेष रूप से घातक माना जाता है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। मामले की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों और प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि घरों और आसपास लगे कनेर जैसे विषैले पौधों से बच्चों को दूर रखें और इस संबंध में जागरूकता बढ़ाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।