लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

Shaheed Diwas 2026: जब भगत सिंह ने चूम लिया था फांसी का फंदा, शहीद दिवस पर पढ़ें वो वीर गाथा जिसने देश को जगा दिया!

नई दिल्ली: आज पूरा देश उन तीन वीर सपूतों को नमन कर रहा है, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। 23 मार्च का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे और वीर अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी दी थी।

वक्त से पहले दी गई थी फांसी

बहुत कम लोग जानते हैं कि इन तीनों क्रांतिकारियों को फांसी देने का समय 24 मार्च की सुबह तय किया गया था। लेकिन जेल के बाहर उमड़ती भीड़ और विद्रोह के डर से अंग्रेजों ने नियमों को ताक पर रखते हुए 23 मार्च की शाम 7:33 बजे ही इन्हें फांसी दे दी।

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी से क्या बढ़ सकते हैं तेल के दाम?

इंकलाब जिंदाबाद के नारों से गूँजी थी जेल

जेल के वार्डन के मुताबिक, फांसी के चबूतरे की ओर बढ़ते हुए भी इन तीनों के चेहरों पर डर का नामोनिशान नहीं था। वे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गाते हुए आगे बढ़े। उनका यह बलिदान आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में देशभक्ति की लौ जलाए हुए है।

आज के युवाओं के लिए संदेश

शहीद दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन आदर्शों को याद करने का दिन है जिसके लिए इन वीरों ने अपनी जान दी। आज देशभर में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर इन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान 2026: निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा को मिला सम्मान

कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल: म्हाडा अधिकारी ‘व्ही. पी. महाजन’ की रिपोर्ट ने खोली 30 घोटालों की पोल!

वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान 2026: गोरेगांव ट्रैफिक विभाग के अधिकारी रमेश दिंडे हुए सम्मानित

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मालवणी में हुआ भव्य ध्वजारोहण समारोह, अभिषेक वशिष्ठ रहे मुख्य अतिथि

जन-जन के प्रिय नेता और विकासपुरुष: पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ‘वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान – 2026’ से अलंकृत

वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान 2026: ‘जैन सब कुछ फूड प्लाजा’ के मालिक नीरज जैन व पंकज शेट्टी हुए सम्मानित

Leave a Comment