लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

‘सतीश राउत’ क्या गोरेगांव RTO से कुछ सीखेंगे? कांदिवली में ‘अकर्मण्यता’ की हद, जनता का सवाल—कब तक चलेगा यह खेल?

कांदिवली/गोरेगांव: जब बात जन-सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की आती है, तो गोरेगांव और कांदिवली RTO के बीच का अंतर जमीन-आसमान का हो जाता है। जहां गोरेगांव के ट्रैफिक अधिकारी शिकायत मिलते ही तत्परता से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं, वहीं कांदिवली में अधिकारी सतीश राउत का न कहीं पता चलता है और न ही कार्रवाई का कोई नामोनिशान।

गोरेगांव से सीखें सतीश राउत

‘वशिष्ठ वाणी’ ने बार-बार गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की सक्रियता को सराहा है, जहां अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण करते हैं। लेकिन इसके विपरीत, जब कांदिवली में सतीश राउत से सवाल पूछा जाता है, तो वे बिलों में छिप जाते हैं। क्या सतीश राउत के पास जनता की शिकायतों का कोई जवाब है, या वे केवल कुर्सियों को गर्म करना जानते हैं?

सतीश राउत की मेहरबानी: खंडहर बनता कांदिवली और मालवणी

सतीश राउत के कांदिवली ट्रैफिक विभाग में कार्यभार संभालने के बाद से, पूरा इलाका और मालवणी क्षेत्र ‘अवैध पार्किंग का खंडहर’ बन चुका है। सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन और अवैध अड्डों ने आम नागरिक का जीना दूभर कर दिया है। ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है, लेकिन अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं।

‘शर्म है तो कार्रवाई करें, वरना इस्तीफा दें’

कांदिवली की जनता अब थक चुकी है। सतीश राउत को यह समझना होगा कि यह पद जनता की सेवा के लिए है, न कि अपनी कुर्सी बचाने या दूसरों को गुमराह करने के लिए।

  • वशिष्ठ वाणी की दो टूक मांग: यदि सतीश राउत में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो वे गोरेगांव के अधिकारियों की तरह सड़क पर उतरें और तत्काल कार्रवाई करें।
  • यदि कार्रवाई संभव नहीं: तो नैतिकता के आधार पर उन्हें अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

मुंबई की जनता यह देख रही है कि कौन अधिकारी वास्तव में काम कर रहा है और कौन सिर्फ फाइलों में खेल कर रहा है। कांदिवली की बदहाली का एकमात्र जिम्मेदार सतीश राउत का उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।

वशिष्ठ वाणी—सच्चाई का आईना, जो भ्रष्ट अधिकारियों को चुभता रहेगा!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

वशिष्ठ वाणी विशेष: E-20 पेट्रोल का ‘सच्चा सच’—जिम्मेदारी किसकी, सवाल किससे और जनता परेशान क्यों?

वशिष्ठ वाणी विशेष: सिर्फ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों? देश के ‘प्रधान’ का इस्तीफा क्यों नहीं? करोड़ों में एक ‘सोनम वांगचुक’ केवल धरना नहीं, अब रणनीति बदलें!

‘वशिष्ठ वाणी’ तीखा प्रहार: राम मंदिर महा-चोरी पर सवाल का जवाब ‘विपक्ष’ नहीं; राम भक्तों के स्वाभिमान से खिलवाड़ बंद करे सत्ता, जवाब दो या गद्दी छोड़ो!

विशेष खोजी रिपोर्ट: नियमों को ताक पर रख ‘खाकी और बीएमसी’ ने बांटीं एनओसी; फुटपाथ गायब, सड़कों पर रेंगती मुंबई!

वशिष्ठ वाणी की खबर का असर: बिलाबॉन्ग स्कूल और रॉयल ओएसिस के पास स्पीड ब्रेकर के लिए BMC का ‘MARG’ सिस्टम सक्रिय; निवासियों को अब काम पूरा होने का इंतज़ार!

गोरेगांव ट्रैफिक विभाग में नए नेतृत्व की दस्तक: क्या अब ‘वशिष्ठ वाणी’ की मुहिम से लिंक रोड होगा अवैध पार्किंग मुक्त?

Leave a Comment