लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

अंधेर नगरी, चौपट राजा: मालाड में रेलवे सुरक्षा दांव पर, फिर भी गहरी नींद में सो रहा है प्रशासन!

मुंबई (मालाड): क्या मालाड वार्ड 35 में कानून का अस्तित्व खत्म हो चुका है? यह सवाल आज हर स्थानीय नागरिक के जहन में है। ‘कोयला वाली गली’ में जिस तरह से रेलवे ट्रैक के करीब अवैध इमारतों का जंगल खड़ा किया जा रहा है, उसने प्रशासन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।


वशिष्ठ वाणी की दहाड़, पर सत्ताधारी मौन

स्थानीय समाचार पत्र ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा इस अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सबूतों के साथ आवाज उठाई जा रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र के नगरसेवक योगेश वर्मा और सांसद पीयूष गोयल के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि मीडिया द्वारा सच दिखाने के बाद भी इन अवैध ढांचों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही?


सुरक्षा के साथ खिलवाड़: ‘कर्सन’ का अवैध साम्राज्य

नियमों को ठेंगे पर रखकर ‘कर्सन’ द्वारा बनाई जा रही ये इमारतें किसी बड़े हादसे को दावत दे रही हैं। रेलवे ट्रैक के इतना करीब निर्माण करना न केवल बीएमसी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हजारों यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।


जनता का सवाल: “जब मीडिया की आवाज को ये नेता अनसुना कर रहे हैं, तो आम आदमी की बिसात ही क्या है? क्या ये जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही नजर आएंगे?”


मुख्य आरोप और जमीनी हकीकत:

  • अवैध निर्माण: कोयला वाली गली में नियमों को कुचलकर इमारतों का निर्माण जारी।
  • चुप्पी: बार-बार शिकायत और खबरों के बाद भी बीजेपी नेताओं और बीएमसी अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी।
  • खतरा: रेलवे ट्रैक के पास निर्माण से भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी किसकी होगी?

निष्कर्ष:

‘वशिष्ठ वाणी’ का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन अपनी नींद से नहीं जागता। मालाड की जनता अब जवाब मांग रही है—यह निर्माण ‘वैध’ है या ‘भ्रष्टाचार’ की नींव पर खड़ा है?

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

मालाड पश्चिम में कथित अवैध निर्माणों पर सम्राट बागुल का प्रहार: पी/ पश्चिम ईमारत एव कारखाना विभाग भ्रष्टाचार एव अवैध निर्माण का अड्डा ?

मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के वार्ड में दो हफ्ते से जलभराव, जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी से कथित मारपीट का मामला, FIR में देरी पर BHU प्रशासन पर उठे सवाल

‘श्रीनाथ डोसा’ के अवैध कब्जे पर बीएमसी पी-नॉर्थ वार्ड की मेहरबानी: खबर छपने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

एक्सक्लूसिव खुलासा: मलाड के ‘फ्लैग रेस्टोरेंट’ की छत पर अवैध मानसून शेड? बीएमसी की अनुमति या नियमों की खुली अनदेखी!

खबर का असर: वशिष्ठ वाणी की खबर के बाद ट्रेन्ड्स रेस्टोरेंट का अवैध मॉनसून शेड आखिरकार हटा!

Leave a Comment