मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मुंबई के मालवणी स्थित सामना नगर, गेट नंबर 8 में अवैध निर्माण, अवैध पार्किंग और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मामलों को लेकर स्थानीय निवासियों और मीडिया ने एक बार फिर म्हाडा मुंबई क्षेत्र निर्माण गोरेगांव विभाग के अधिकारी रोहित शिंदे से जवाब मांगा है। आरोप है कि कई शिकायतों और सबूतों के बावजूद रोहित शिंदे द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फेडरेशन का भारी बोर्ड अब भी लगा, रोहित शिंदे से सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामना नगर के मुख्य गेट पर लगा फेडरेशन का भारी बोर्ड पहले भी एक बार गिर चुका है। इसके बावजूद आज तक उसे हटाया नहीं गया है।

लोगों का कहना है कि रोज़ाना उसी जगह पर स्कूल के बच्चे और उनके माता-पिता खड़े रहते हैं, ऐसे में यदि यह बोर्ड दोबारा गिरता है तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सूत्रों के अनुसार, जिस दिन म्हाडा के अधिकारी बुलडोजर लेकर अवैध निर्माण हटाने पहुंचे थे, उस दिन रोहित शिंदे की मौजूदगी में यह सुझाव दिया गया था कि भारी बोर्ड हटाकर हल्का बोर्ड लगाया जाए। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ।
अब सवाल यह उठ रहा है कि रोहित शिंदे इस खतरे को जानते हुए भी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?

नोटिस में कई अवैध निर्माण, कार्रवाई सिर्फ एक पर
सामना नगर मालवणी गेट नंबर 8 पर म्हाडा द्वारा जो नोटिस चिपकाया गया था, उसमें कई अवैध निर्माणों का उल्लेख किया गया था और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उसका एक विस्तृत ब्लूप्रिंट भी तैयार किया गया था।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोहित शिंदे द्वारा अब तक केवल एक अवैध निर्माण को आंशिक रूप से हटाया गया, जबकि बाकी निर्माण आज भी मौजूद हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रोहित शिंदे बाकी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई कब करेंगे?

ओम सिद्धविनायक सोसायटी के अवैध गार्डन पर रोहित शिंदे की चुप्पी
मालवणी की ओम सिद्धविनायक सोसायटी में एक अलग स्थान पर गार्डन का निर्माण किए जाने का भी आरोप सामने आया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि म्हाडा द्वारा पहले से ही इस परिसर में दो बड़े गार्डन उपलब्ध कराए गए हैं, फिर भी सोसायटी के अध्यक्ष द्वारा दूसरी जगह कब्जा करके नया गार्डन बना दिया गया।
निवासियों का सवाल है कि क्या इस गार्डन के निर्माण की अनुमति रोहित शिंदे ने दी है?
यदि नहीं, तो फिर रोहित शिंदे ने इस अवैध निर्माण पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

बिल्डिंग 1D बना ऑटो रिक्शा स्टैंड, रोहित शिंदे क्या कर रहे हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि फेडरेशन के अध्यक्ष, जो मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी के अध्यक्ष भी बताए जाते हैं, उन्होंने बिल्डिंग 1D को ऑटो रिक्शा स्टैंड में बदल दिया है।
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि पहले मीडिया से बातचीत में कहा गया था कि बिल्डिंग परिसर के अंदर तीन और चार पहिया वाहनों को अनुमति नहीं है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब यह जानकारी रोहित शिंदे को दी गई, तो उन्होंने इस पर क्या कार्रवाई की?

अडानी इलेक्ट्रिसिटी गेट के पास पार्किंग – रोहित शिंदे की क्या कार्रवाई?
निवासियों के अनुसार, अब अडानी इलेक्ट्रिसिटी के मेन गेट के पास भी पार्किंग शुरू कर दी गई है। वहां पीली पट्टी बनाकर रूम नंबर लिखे गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि उस जगह को स्थायी पार्किंग के रूप में बांटा जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि क्या स्वप्नपूर्ति सोसायटी के अध्यक्ष को बिल्डिंग के बाहर की जगह पार्किंग के नाम पर बांटने का अधिकार है?
और यदि यह गलत है, तो रोहित शिंदे ने अब तक इस पर क्या कार्रवाई की?
कचरा मशीन और मीटर रूम पर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग के अंदर फेडरेशन द्वारा कचरा मशीन लगाई गई है, जो फिलहाल बंद पड़ी है। इसके लिए मीटर रूम गार्डन क्षेत्र में बना दिया गया है।
जांच के दौरान इन संरचनाओं को हटाने की बात कही गई थी, लेकिन निवासियों का कहना है कि रोहित शिंदे द्वारा अब तक इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अवैध पार्किंग और वसूली का मामला
निवासियों का आरोप है कि फेडरेशन बनाकर म्हाडा की खाली जमीन को निजी बताकर सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि कई वर्षों तक वाहन मालिकों से पार्किंग शुल्क भी वसूला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब यह सारी जानकारी रोहित शिंदे को दी गई, तब उनसे अपेक्षा की जा रही थी कि वह संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
जनता के 8 सवाल: म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे जवाब दें
मालवणी सामना नगर गेट नंबर 8 में अवैध निर्माण, अवैध पार्किंग और सुरक्षा से जुड़े लगातार उठ रहे मुद्दों के बीच स्थानीय निवासियों और मीडिया की ओर से म्हाडा मुंबई क्षेत्र निर्माण गोरेगांव के अधिकारी रोहित शिंदे से सीधे आठ सवाल पूछे जा रहे हैं।
1️⃣ मेन गेट से फेडरेशन का भारी बोर्ड कब हटाया जाएगा?
यह बोर्ड पहले भी गिर चुका है और उसके नीचे रोज़ाना स्कूल के बच्चे और उनके माता-पिता खड़े रहते हैं।
2️⃣ परिसर में बनाया गया अवैध सुरक्षा केबिन कब तोड़ा जाएगा?
3️⃣ मालवणी ओम सिद्धविनायक सोसायटी द्वारा बनाए गए अवैध गार्डन पर बुलडोजर कब चलेगा?
जबकि म्हाडा द्वारा पहले से ही दो बड़े गार्डन उपलब्ध कराए गए हैं।
4️⃣ फेडरेशन द्वारा बनाए गए अवैध मीटर रूम और उससे जुड़े निर्माण को ध्वस्त कब किया जाएगा?
5️⃣ बिल्डिंग 1E और बिल्डिंग 1F के बीच लगाया गया अवैध गेट कब हटाया जाएगा?
6️⃣ फेडरेशन द्वारा अवैध पार्किंग चलाने, वाहन मालिकों से पार्किंग राशि वसूलने और लोगों की जान से खिलवाड़ करने के मामले में FIR कब दर्ज होगी?
7️⃣ जिस जगह पर तीन और चार पहिया वाहनों की पार्किंग की अनुमति नहीं है, वहां से अवैध पार्किंग कब हटाई जाएगी?
8️⃣ अडानी इलेक्ट्रिसिटी के मेन गेट के पास शुरू की गई पार्किंग कब हटाई जाएगी?
📌 अब सबसे बड़ा सवाल यही है:
जब इतने गंभीर मुद्दे लगातार उठाए जा रहे हैं, तो क्या इन सभी सवालों का जवाब मिलेगा या फिर कार्रवाई किसी बड़ी घटना के बाद ही होगी?
क्योंकि यदि किसी दिन इन अवैध निर्माणों या अवैध पार्किंग के कारण कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा—यह सवाल आज भी अनुत्तरित है।











