लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

मुंबई पुलिस का नया गेम: ‘लुका-छिपी’ और ‘ब्लॉक-ब्लॉक’!

जनकल्याण नगर में डोटम बिल्डर की दबंगई या चारकोप पुलिस की ‘जी-हुजूरी’?

मुंबई: अगर आप बचपन में ‘लुका-छिपी’ का खेल भूल गए हैं, तो मलाड वेस्ट के जनकल्याण नगर तशरीफ़ लाइए। यहाँ डोटम बिल्डर (Dotom Builder) और चारकोप पुलिस के बीच एक ऐसा ही दिलचस्प खेल चल रहा है, जिसे देखकर आप अपनी हँसी नहीं रोक पाएंगे, और शायद अपनी सुरक्षा पर रो भी दें।

आधी रात का ड्रामा और पुलिस का ‘धप्पा’

किस्सा यह है कि बीएमसी (BMC) ने डोटम बिल्डर को ‘स्टॉप वर्किंग’ (Stop Work Notice) का नोटिस थमा रखा है, लेकिन बिल्डर साहब के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। काम रात के 12 बजे तक धड़ल्ले से चल रहा था। जब ‘संसद वाणी’ की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 100 नंबर पर मुंबई पुलिस को सूचित किया, तो चारकोप पुलिस ‘धप्पा’ बोलने पहुँची। काम रुकवाया और ऐसे चली गई जैसे कोई एहसान कर रही हो। कार्रवाई के नाम पर क्या हुआ? शून्य!


परमिट लोअर परेल की, काम मलाड में!

हास्य की पराकाष्ठा तो तब हुई जब पुलिस ने बिल्डर से अनुमति पत्र मांगा। बिल्डर ने भी बड़े गर्व से एक लेटर दिखाया। अब इसे पुलिस की सादगी कहें या कुछ और, वह अनुमति पत्र लोअर परेल का था! जनाब, काम मलाड में चल रहा है और कागज़ लोअर परेल के दिखाए जा रहे हैं। क्या चारकोप पुलिस को लगता है कि मुंबई के भूगोल में लोअर परेल और मलाड एक ही गली के दो छोर हैं?


सवाल पूछा तो पुलिस ने किया ‘डिजिटल संन्यास’

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जब सवाल पूछता है, तो जवाब मिलता है। लेकिन यहाँ ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम को जवाब के बदले मिला ‘डिजिटल संन्यास’। चारकोप पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मीडिया का नंबर ही ब्लॉक कर दिया!

“न रहेगा नंबर, न बजेगा सवाल।”

शायद मुंबई पुलिस को अब यह नई ट्रेनिंग दी गई है कि अगर मीडिया वाले जनता की समस्या लेकर आएं या कड़वे सवाल पूछें, तो सीधे ‘ब्लॉक’ बटन दबा दो। जो समझौता करे, उसे थाने में बिठाकर चाय पिलाओ, और जो सच दिखाए, उसे ब्लैकलिस्ट में डालो।

गायब प्रशासन और बेबस कानून

अब सवाल यह उठता है कि डोटम बिल्डर पर लगाम कसेगा कौन?

  • बीएमसी (BMC): नोटिस देकर ‘कर्तव्य’ की इतिश्री कर ली।
  • चारकोप पुलिस: लुका-छिपी खेलने और नंबर ब्लॉक करने में व्यस्त है।
  • एसआरए (SRA): फिलहाल लापता घोषित हैं।

क्या अब जनता खुद जाकर बिल्डर की मशीनें बंद करे? या फिर प्रशासन यह मान चुका है कि बिल्डर की ‘पावर’ के आगे कानून की ‘खाकी’ फीकी पड़ चुकी है? इस पूरे मामले में एक बात तो साफ है—मुंबई में अगर आपके पास ‘सही पत्र’ (चाहे वो किसी भी इलाके का हो) और पुलिस का ‘साथ’ हो, तो आप नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए आधी रात को भी जश्न (और निर्माण) मना सकते हैं।

चारकोप पुलिस को सलाम, उनकी इस ‘ब्लॉकिंग’ कलाकारी के लिए!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान 2026: ‘जैन सब कुछ फूड प्लाजा’ के मालिक नीरज जैन व पंकज शेट्टी हुए सम्मानित

वशिष्ठ मीडिया राष्ट्रीय सम्मान 2026: पूर्व विधायक व प्रख्यात समाजसेवी भारती हेमंत लावेकर को छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति-प्रतिमा एवं ट्रॉफी से किया गया सम्मानित

गणेशोत्सव 2026: अलौकिक मूर्तिकला और भक्ति का संगम; ‘सुनिती गणेश आर्ट्स’ की मूर्तियों को देख भावविभोर हुए श्रद्धालु

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: युवाओं का बेखौफ संघर्ष, अंदरूनी सियासत या कॉकरोच जनता पार्टी की श्रेय लेने की होड़?

युवाओं ने खाईं लाठियाँ, बहता रहा ख़ून… सवाल यह है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आका कहाँ नदारद थे?

वशिष्ठ वाणी विशेष: E-20 पेट्रोल का ‘सच्चा सच’—जिम्मेदारी किसकी, सवाल किससे और जनता परेशान क्यों?

Leave a Comment