मुंबई (मालाड): न्यू लिंक रोड पर स्थित ‘जैन सब कुछ फूड प्लाजा’ के बाहर का नजारा देखकर आप दंग रह जाएंगे। यहाँ ‘सब कुछ’ मिलता है—स्वाद भी, भीड़ भी, और प्रशासन की आँखों पर बंधी पट्टी का सबूत भी! वशिष्ठ वाणी ने एक बार फिर इस क्षेत्र में चल रही सरेआम मनमानी का पर्दाफाश किया है।
📸 क्या है पूरा मामला?
तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि जिस फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए करोड़ों की लागत से बनाया गया था, उसे अब फूड प्लाजा की अघोषित पार्किंग बना दिया गया है। फुटपाथ पर लाइन से खड़ी गाड़ियाँ चीख-चीख कर प्रशासन के ‘जीरो टॉलरेंस’ दावों की धज्जियाँ उड़ा रही हैं।
🤔 सवाल जो प्रशासन को चुभेंगे:
- BMC की खामोशी का राज क्या है? क्या BMC के ‘P North’ वार्ड के अधिकारियों को यह अतिक्रमण दिखाई नहीं देता या वे देखना नहीं चाहते? आखिर कब तक नोटिस के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाएगी?
- ट्रैफिक विभाग की सुस्ती: गोरेगांव और मालाड ट्रैफिक विभाग आखिर इस ‘जड़’ बन चुकी समस्या को खत्म क्यों नहीं कर पा रहा? क्या यहाँ कार्रवाई केवल आम आदमी की छोटी गलतियों पर होती है, बड़े रसूखदारों पर नहीं?
- ढिठाई या लापरवाही? यह दुकानदारों का ढीठपन है कि वे फुटपाथ को अपनी जागीर समझते हैं, या सिस्टम की इतनी बड़ी लापरवाही कि उन्हें किसी कानून का डर ही नहीं रहा?
📢 अब आर-पार की जंग!
आम जनता अब सोशल मीडिया पर पूछ रही है—“क्या फुटपाथ सिर्फ शो-पीस हैं?” पैदल चलने वाले लोग सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं।
निष्कर्ष: वशिष्ठ वाणी की इस रिपोर्ट के बाद अब गेंद BMC और मुंबई ट्रैफिक पुलिस के पाले में है। देखना यह है कि क्या इस बार कोई ठोस कार्रवाई होती है या ‘साहब’ फिर से आँखें मूँद कर अगले किसी बड़े हादसे का इंतज़ार करेंगे।













