- प्रहलाद पाण्डेय की रिपोर्ट
वाराणसी। संगठित अपराध और अवैध वसूली के मामलों पर लगातार शिकंजा कसते हुए लंका थाना पुलिस ने एक बेहद महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो लोगों को फर्जी गिरोह (गैंग) के मुकदमे में फँसाने की धमकी देकर भारी-भरकम रकम वसूलने की कोशिश करता था। आरोपी ने इसी तरीके से एक स्थानीय व्यक्ति से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगकर उसे डरा-धमकाना शुरू कर दिया था।
कैसे हुआ पूरा मामला उजागर?
पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसे आरोपी लगातार फोन और निजी मुलाकात के जरिए यह धमकी दे रहा था कि उसे फर्जी गिरोहबंदी के गंभीर मुकदमे में फँसा देगा। इन मामलों में कड़ी धाराएँ लगने के कारण आम आदमी को काफी मानसिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी डर का फायदा उठाते हुए आरोपी ने 50 लाख रुपये की मांग की थी।
पीड़ित की शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त वाराणसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद लंका थाना पुलिस ने तकनीकी व मानवीय खुफिया सूत्रों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी।
गोपनीय सूचना पर छापेमारी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
09 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी इस समय मुड़ियाडीह क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रणनीतिक तरीके से इलाके की घेराबंदी कर दी।
करीब शाम 4 बजे, पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया, उसकी पहचान अजर हुसैन उर्फ मुन्ना, उम्र लगभग 55 वर्ष, निवासी बैनाई नगर कॉलोनी, मुड़ियाडीह मछरिया (थाना मुड़ियाडीह, वाराणसी) के रूप में हुई।
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास — 14 मुकदमे दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि अजर हुसैन कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि एक पुराना और सक्रिय अपराधी है। उसके खिलाफ कई थानों में कुल 14 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शामिल हैं:
- गैंगस्टर एक्ट
- धोखाधड़ी
- जबरन वसूली
- मारपीट
- धमकी
- फर्जी दस्तावेज़ तैयार करना
- ठगी
- अवैध गतिविधियों में संलिप्तता
उसका नाम कई पुराने मामलों में भी सामने आ चुका है, जिनकी अभी भी जांच लंबित है।
फर्जी गिरोह बनाकर फंसाने का खेल
पुलिस के अनुसार आरोपी एक सुनियोजित तरीके से लोगों को धमकाता था। वह कहता था कि उसके पास ऐसे दस्तावेज़ और संपर्क हैं जिनके आधार पर वह किसी भी व्यक्ति को संगीन गिरोहबंदी और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में फंसा सकता है। इन गंभीर कानूनों के डर से लोग अक्सर दबाव में आकर आरोपी को पैसे देने को मजबूर हो जाते थे।
इसी रणनीति का उपयोग करते हुए अजर हुसैन ने पीड़ित से 50 लाख रुपये की मांग की थी। रंगदारी न देने पर गंभीर नतीजों की धमकी दी जा रही थी।
पुलिस का बयान — “ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी”
लंका थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि फर्जी मुकदमे दिखाकर लोगों से पैसे वसूलने वाले अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी में निम्न अधिकारियों व जवानों की प्रमुख भूमिका रही—
- 1. प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी
- 2. उ०नि० शिवाकर मिश्रा थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी।
- 3. का० अमित शुक्ला, थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी।
- 4. का० कृष्ण कान्त पाण्डेय, थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी।
- 5. का0 पवन यादव थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी।
- 6. का0 सुरज सिंह थाना लंका कमिश्नरेट वाराणसी।
- 7. का0 प्रशान्त तिवारी सर्विलांस सेल कमिश्नरेट वाराणसी।
पुलिस ने टीम के सभी सदस्यों की सराहना की है।
स्थानीय क्षेत्रों में चर्चा का विषय
इस गिरफ्तारी के बाद बैनाई नगर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में राहत की भावना देखी जा रही है। कई लोग बताते हैं कि आरोपी लंबे समय से लोगों को डराकर वसूली कर रहा था और उसके कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता था। पुलिस की इस कार्रवाई से सामान्य लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
