लाल चंदन, सफेद चंदन और रुद्राक्ष सहित विभिन्न औषधीय पौधे लगाए गए; पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नशामुक्ति की दिलाई गई शपथ
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरणविद अनिल सिंह ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. बी.के. मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथियों वरिष्ठ उद्यान अधिकारी अश्वनी कुमार देशवाल, डॉ. प्रकाश अश्वतप्पा और डिप्टी डायरेक्टर अरुण प्रकाश यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान लाल चंदन, सफेद चंदन और रुद्राक्ष सहित कई औषधीय एवं उपयोगी पौधे लगाए गए।
पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश
पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणविद अनिल सिंह ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से लोगों को प्रकृति और मातृभाव के बीच संबंध को समझने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
पौधरोपण से ही बना रहेगा पर्यावरण संतुलन : डॉ. बी.के. मिश्रा
मुख्य अतिथि डॉ. बी.के. मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण बेहद आवश्यक है। बढ़ते प्रदूषण और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है, ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को अपना योगदान दे सकें।
परिसर को हराभरा बनाने के लिए प्रयास जारी : अश्वनी कुमार देशवाल
विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ उद्यान अधिकारी अश्वनी कुमार देशवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उद्यान विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने से न केवल वातावरण बेहतर होगा, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण मिलेगा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ को जनअभियान बनाने की अपील
पर्यावरणविद अनिल सिंह ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने माता-पिता या परिवार के किसी प्रिय सदस्य की स्मृति में एक पौधा जरूर लगाएं और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लें।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने कहा कि प्रकृति की रक्षा और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए इन तीनों क्षेत्रों में सामूहिक जागरूकता जरूरी है।
उद्यान विभाग के कर्मचारियों की रही सहभागिता
पौधरोपण कार्यक्रम में प्रकाश आनंद, लाल चंद्रपाल, गंगाराम, नागेंद्र वर्मा, राजेश, साधु प्रसाद, शिवपूजन, प्रदीप यादव और रामदुलार सहित उद्यान विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पौधरोपण में सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने वाला रहा।













