सड़क पर बने गड्ढे में भरा पानी, हादसे का खतरा; स्थानीय लोगों ने खुद की बैरिकेडिंग
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंका थाना क्षेत्र में नारिया से साकेत नगर होते हुए संकट मोचन मार्ग पर नाला ओवरफ्लो होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर बह रहा है। इसी बीच सड़क पर बने बड़े गड्ढे में पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।
पानी भर जाने के कारण सड़क पर बने गड्ढे की गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में वाहन चालकों, विशेषकर बाइक सवारों को अचानक गड्ढे में जाने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संभावित दुर्घटना को देखते हुए अपने स्तर पर गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर वाहन चालकों को सावधान करने का प्रयास किया है।
नाले का पानी सड़क पर, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
बारिश के दौरान नाले का पानी सड़क पर आने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। बाइक सवारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे दुकानें चलाने वाले दुकानदार भी जलभराव और गंदगी से परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद भी नाले का पानी काफी देर तक सड़क पर जमा रहता है। लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। जलभराव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
करीब दो साल से बनी हुई है समस्या
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क पर गड्ढे और जलभराव की समस्या नई नहीं है। करीब दो वर्षों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। हर बारिश में यहां जलभराव की स्थिति पैदा होती है और सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए और खतरनाक हो जाते हैं।
लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार शिकायतें और मांगें सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के दिनों में पानी भरने के बाद गड्ढे की गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
दुकानदार बोले—कई बाइक सवार हो चुके हैं दुर्घटना का शिकार
स्थानीय दुकानदार जंग बहादुर प्रजापति ने बताया कि सड़क पर बने गड्ढे के कारण कई बार बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। उनके अनुसार सामान्य दिनों में भी यह गड्ढा परेशानी का कारण बना रहता है, लेकिन बारिश के दौरान इसमें पानी भर जाने के बाद खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक कई बार अनजाने में उसमें चले जाते हैं। संभावित हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वयं बैरिकेडिंग की है, ताकि वाहन चालकों को पहले से सावधान किया जा सके।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल किया गया होता तो सड़क की स्थिति इतनी जल्दी खराब नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत के नाम पर कई बार केवल औपचारिकता पूरी की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त हो जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित इंजीनियरिंग विभाग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे में मिट्टी या मलबा डालना स्थायी समाधान नहीं होगा। जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ सड़क की तकनीकी रूप से मरम्मत जरूरी है।
नागरिकों ने नाले की सफाई कराने, उसकी जल निकासी क्षमता की जांच करने और बारिश के दौरान पानी ओवरफ्लो होने की समस्या दूर करने की मांग की है। इसके साथ ही सड़क पर बने गड्ढे की स्थायी मरम्मत और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की भी मांग उठाई गई है।
बारिश के बीच हादसे का खतरा बरकरार
फिलहाल नारिया–साकेत नगर–संकट मोचन मार्ग पर नाले का पानी सड़क पर बहने और गड्ढे में पानी भरने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों द्वारा की गई बैरिकेडिंग से वाहन चालकों को सावधान करने का प्रयास किया गया है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है।
अब स्थानीय लोगों की नजर नगर निगम और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। नागरिकों की मांग है कि जल निकासी और सड़क की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी तथा संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।














