मुंबई | वशिष्ठ वाणी | विशेष रिपोर्ट। मुंबई में डांबर सड़कों को हटाकर टिकाऊ सीमेंट कंक्रीट (CC) रोड बनाने का कार्य बीएमसी के रोड विभाग के अंतर्गत निजी कंपनियों के माध्यम से कराया जा रहा है। लेकिन जगह-जगह हो रही खुदाई और निर्माण की धीमी व अव्यवस्थित प्रक्रिया से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चे, बुजुर्ग, दोपहिया वाहन चालक और स्थानीय निवासी त्रस्त हैं।

इसी बीच मालाड पश्चिम स्थित मढ–मार्वे रोड पर सड़क और ड्रेनेज निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने आरोप लगाया है कि मढ–मार्वे रोड, मनीषा बंगला के सामने (मढ, मुंबई-400061) ड्रेनेज निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

सम्राट बागुल के अनुसार, ड्रेनेज निर्माण में पुरानी दीवारों पर सीधे स्लैब डालकर ‘थूकपट्टी’ का काम किया जा रहा है। ड्रेनेज के नीचे आवश्यक मात्रा में सामग्री नहीं डाली गई है और जंग लगी सरिया व घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह कार्य न सिर्फ तकनीकी मानकों के खिलाफ है, बल्कि भविष्य में बड़े हादसों को भी न्योता दे सकता है।

समाजसेवी सम्राट बागुल ने दावा किया कि मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा मुंबई के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि नगर निगम के संबंधित अधिकारी और इंजीनियर इस दौरान क्या कर रहे थे।

सम्राट बागुल ने मढ–मार्वे रोड पर हो रहे सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी से मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर चुनावी माहौल के बीच कथित अनियमितताओं पर पर्दा डालकर काम को जल्दबाजी में पूरा कर दिया जाएगा। मामले पर स्थानीय नागरिकों की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।