लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

विशेष खोजी रिपोर्ट: नियमों को ताक पर रख ‘खाकी और बीएमसी’ ने बांटीं एनओसी; फुटपाथ गायब, सड़कों पर रेंगती मुंबई!

सवालों के घेरे में प्रशासनिक जवाबदेही: बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े आदेशों के बावजूद मुंबई में गायब होते फुटपाथ।

विशेष खोजी ब्यूरो, (मुंबई /संसद वाणी): मुंबई महानगर में आगामी त्योहारों की आड़ में सार्वजनिक संपत्तियों, विशेषकर फुटपाथों और मुख्य सड़कों पर अवैध कब्जों का खेल एक बार फिर शुरू हो चुका है। लेकिन इस बार यह केवल अतिक्रमणकारियों की मनमानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई ट्रैफिक पुलिस विभाग की संदेहास्पद प्रशासनिक कार्यप्रणाली है। ‘वाशिष्ठ मीडिया हाउस’ के संस्थापक अभिषेक अनिल वाशिष्ठ द्वारा बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को भेजे गए लीगल नोटिस के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर किसके दबाव में आकर अधिकारी देश की सर्वोच्च अदालतों के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं?

बॉम्बे हाई कोर्ट का स्पष्ट आदेश: ‘चलने का अधिकार’ मौलिक अधिकार है

माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट ने कई ऐतिहासिक जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया है। कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक:

  1. अनुच्छेद 21 का हिस्सा: संविधान के तहत नागरिकों को सुरक्षित फुटपाथों पर चलने का अधिकार उनके ‘जीने के अधिकार’ (Right to Life) का अभिन्न अंग है।
  2. 50% का नियम: बीएमसी की अपनी नीति और कोर्ट के आदेशानुसार, किसी भी मंडप को फुटपाथ या सड़क के 50% से अधिक हिस्से पर अनुमति नहीं दी जा सकती। पैदल यात्रियों के लिए कम से कम 2 से 3 मीटर का रास्ता छोड़ना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
  3. शून्य सहनशीलता (No-Tolerance): यदि कोई मंडप या निर्माण रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक करता है, तो उसे तुरंत ध्वस्त करने का आदेश है।

ट्रैफिक विभाग और बीएमसी की अंधाधुंध NOC: आँखों पर पट्टी या मिलीभगत?

नियमों के अनुसार, बीएमसी किसी भी मंडप को अनुमति देने से पहले स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग (Traffic Police) से ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (NOC) मांगती है। लेकिन जमीनी हकीकत देखकर यह साफ है कि ट्रैफिक विभाग के अधिकारी दफ्तरों में बैठकर आंखें मूंदकर एनओसी बांट रहे हैं।

मुंबई की सड़कों पर स्थिति यह है कि फुटपाथ पर मंडप खड़ा कर दिया जाता है। उस मंडप के ठीक बगल में गाड़ियां पार्क होती हैं, और उसके ठीक बाद मुख्य सड़क शुरू होती है। सवाल यह उठता है कि ट्रैफिक विभाग के आला अधिकारियों को यह दिखाई क्यों नहीं देता कि जब फुटपाथ और सड़क का किनारा पूरी तरह ब्लॉक है, तो आम जनता, महिलाएं और बुजुर्ग क्या हवा में उड़कर जाएंगे? गाड़ियों के बीच से या तेज रफ्तार सड़क के बीच से गुजरना क्या जनता की जान से सीधा खिलवाड़ नहीं है? यह एनओसी किस आधार पर और किस ‘अदृश्य लाभ’ के लिए जारी की जा रही है, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

बीएमसी कमिश्नर कार्यालय क्यों है मौन? क्या कोर्ट सीधे लेगा संज्ञान?

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े कार्यालय की चुप्पी है। लीगल नोटिस के माध्यम से पूरे तथ्यों और कानूनी पेचों को सामने रखने के बावजूद, शीर्ष स्तर से कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई या स्पष्टीकरण नहीं आना यह साबित करता है कि प्रशासनिक जवाबदेही पूरी तरह दम तोड़ चुकी है।

जब कानून के रक्षक ही रसूखदारों के दबाव में आकर अदालती आदेशों को दरकिनार करने लगें, तो जनता के पास न्याय की क्या उम्मीद बचती है? यह रिपोर्ट केवल एक प्रशासनिक विफलता का खुलासा नहीं है, बल्कि माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष एक सीधी गुहार है कि इस गंभीर विषय पर ‘अदालत की अवमानना’ (Contempt of Court) के तहत अधिकारियों के खिलाफ तत्काल स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर कार्रवाई की जाए।

मुंबई की जनता को अब खोखले आश्वासनों की नहीं, बल्कि बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े और ट्रैफिक विभाग से धरातल पर सख्त कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा है।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

वशिष्ठ वाणी की खबर का असर: बिलाबॉन्ग स्कूल और रॉयल ओएसिस के पास स्पीड ब्रेकर के लिए BMC का ‘MARG’ सिस्टम सक्रिय; निवासियों को अब काम पूरा होने का इंतज़ार!

गोरेगांव ट्रैफिक विभाग में नए नेतृत्व की दस्तक: क्या अब ‘वशिष्ठ वाणी’ की मुहिम से लिंक रोड होगा अवैध पार्किंग मुक्त?

वशिष्ठ वाणी का प्रशासन को सुझाव: कार्रवाई का दावा ही काफी नहीं, ‘प्रमाण’ भी सार्वजनिक करे Mumbai RTO

एक्सक्लूसिव खुलासा: ओशिवारा में ‘सिग्नल’ पर श्रीजी रेस्टोरेंट का कब्जा? RTO की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल!

विशेष रिपोर्ट: मीडिया के चक्रव्यूह में फंसी जनता—सच्चाई और प्रोपेगेंडा के बीच का खेल

‘सतीश राउत’ क्या गोरेगांव RTO से कुछ सीखेंगे? कांदिवली में ‘अकर्मण्यता’ की हद, जनता का सवाल—कब तक चलेगा यह खेल?

Leave a Comment