कांदिवली: कांदिवली के छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स की सड़कें अब जनता के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक अतिक्रमण के लिए आरक्षित हो गई हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि भारत गैस एजेंसी द्वारा सड़क के दोनों तरफ लगभग 14 वाहन 24 घंटे अवैध रूप से खड़े किए जा रहे हैं।
सड़क बना ‘अवैध गोदाम’, बड़ा खतरा है मंडरा रहा!
यह सिर्फ पार्किंग की समस्या नहीं है, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा चूक (Safety Hazard) है। आवासीय क्षेत्र की इस सड़क पर गैस सिलेंडरों से लदे वाहनों का 24 घंटे खड़ा रहना किसी बड़े हादसे को न्यौता देने जैसा है। सड़क पर बना यह ‘अघोषित गोदाम’ न केवल ट्रैफिक के लिए बाधा है, बल्कि स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए हर पल एक बम जैसा खतरा बना हुआ है।
वशिष्ठ वाणी का तीखा सवाल और प्रशासन से मांग:
कांदिवली के नए वरिष्ठ अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद, अब जनता की उम्मीदें फिर से जागी हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ सवाल करती है:
- सुरक्षा सर्वोपरि कब? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? आवासीय परिसर के पास गैस सिलेंडरों का यह अवैध जमावड़ा कानून के किन नियमों के तहत वैध है?
- अधिकारियों की चुप्पी का कारण क्या? इतने दिनों से चल रही इस अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- नए अधिकारी की अग्निपरीक्षा: क्या कांदिवली के नए वरिष्ठ अधिकारी इन वाहनों को हटाकर छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स की सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे, या फिर यह ‘अवैध गोदाम’ इसी तरह जनता की जान जोखिम में डालता रहेगा?
प्रशासन को चेतावनी
सड़कें पब्लिक की हैं, न कि किसी निजी एजेंसी के गोदाम के लिए। ‘वशिष्ठ वाणी’ मांग करती है कि तत्काल प्रभाव से इन वाहनों को यहाँ से हटाया जाए और गैस एजेंसी पर नियमों के उल्लंघन के लिए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
‘वशिष्ठ वाणी’ तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक यह इलाका पूरी तरह अवैध पार्किंग और सिलेंडर के खतरे से मुक्त नहीं हो जाता। क्या प्रशासन में हिम्मत है कि वह इस अतिक्रमण पर हथौड़ा चला सके?
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