कांदिवली: कांदिवली लिंक रोड स्थित एकता नगर का इलाका इन दिनों एक बड़ी मुसीबत की चपेट में है। यहाँ की सड़कें अब राहगीरों के लिए नहीं, बल्कि बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुकी हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की, तो नजारा किसी नियम-कानून के अभाव का गवाह बन गया।
सिग्नल पर कब्जा, जनता परेशान
सड़क किनारे, फुटपाथ पर, और यहाँ तक कि ट्रैफिक सिग्नल के ठीक नीचे वाहनों का जमघट लगा रहता है। यह जगह किसी की निजी पार्किंग जैसी प्रतीत हो रही है, जिससे आम नागरिक हर दिन घंटों जाम में फंसने को मजबूर है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वालों के लिए यह एक ‘ट्रैफिक नर्क’ से कम नहीं है।
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा और तीखा सवाल
इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद कांदिवली आरटीओ और ट्रैफिक विभाग की कार्यप्रणाली पर ‘वशिष्ठ वाणी’ सवाल उठाती है:
- प्रशासन की चुप्पी क्यों? जब सड़क पर कानून की धज्जियां खुलेआम उड़ रही हैं, तो विभाग अभी तक मूकदर्शक बनकर क्या साबित करना चाहता है?
- नए अधिकारी से उम्मीदें: कांदिवली में अब नए वरिष्ठ अधिकारी ने कमान संभाली है। क्या उनके आने के बाद इस अवैध कब्जे पर कोई सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी, या फिर यह अव्यवस्था यूं ही चलती रहेगी?
- बड़ी कार्रवाई कब? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? जनता कब तक इस अतिक्रमण की सजा भुगतती रहेगी?
जनता के हक की आवाज
स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि अब समय सुधारों का है, आश्वासन का नहीं। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी सड़क खाली नहीं है, जो प्रशासन की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
‘वशिष्ठ वाणी’ कांदिवली ट्रैफिक विभाग को आगाह करती है कि यह समस्या अब ‘अति’ हो चुकी है। हम मांग करते हैं कि तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाया जाए और दोषी वाहन मालिकों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
क्या प्रशासन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा, या फिर जनता की यह आवाज भी फाइलों में दबकर रह जाएगी? ‘वशिष्ठ वाणी’ तब तक नहीं रुकेगी जब तक कांदिवली की सड़कों को जनता के लिए सुरक्षित नहीं किया जाता।
जुड़े रहिए ‘वशिष्ठ वाणी’ के साथ, हम उठाते रहेंगे आपके हक की आवाज!












