मुंबई (वशिष्ठ वाणी): मुंबई का उत्तर मुंबई लोकसभा क्षेत्र इन दिनों विकास की जगह भू-माफियाओं के आतंक और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सुर्खियों में है। वशिष्ठ वाणी की एक खोजी रिपोर्ट में सामने आया है कि मालाड इलाके में रेलवे ट्रैक के किनारे धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन और स्थानीय सांसद पीयूष गोयल इस पर चुप्पी साधे बैठे हैं।
प्रमुख आरोप और चौंकाने वाले तथ्य:

- रेलवे ट्रैक के पास अवैध साम्राज्य: रेलवे सुरक्षा को ताक पर रखकर कर्सन भोजाविया नामक भू-माफिया मालाड में अवैध निर्माण का जाल फैला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस माफिया पर इतने आपराधिक मामले दर्ज हैं कि इसे अब तक मुंबई से तड़ीपार कर दिया जाना चाहिए था।


- शिकायत करने पर जानलेवा हमला: भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा के पूर्व वार्ड 35 अध्यक्ष जिग्नेश को अपनी ईमानदारी की भारी कीमत चुकानी पड़ी। अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत करने पर भू-माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
- पुलिस और BMC की संदिग्ध भूमिका: आरोप है कि मालाड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने FIR दर्ज करने में न केवल एक दिन की देरी की, बल्कि धाराओं को भी इस तरह लगाया जिससे आरोपियों को ढील मिल सके। वहीं, BMC अधिकारी कुंदन वळवी पर सीधे तौर पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे हैं।




वशिष्ठ वाणी के तीखे सवाल: जवाब मांगती जनता
वशिष्ठ वाणी ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सांसद पीयूष गोयल और प्रशासन से सीधे सवाल पूछे हैं:
- सांसद जी, क्या वोट पाना ही एकमात्र जिम्मेदारी है? चुनाव जीतने के बाद मालाड की जनता को भू-माफियाओं के भरोसे क्यों छोड़ दिया गया है?
- BMC और पुलिस पर कब होगी कार्रवाई? क्या अधिकारी कुंदन वळवी और लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई विभागीय जांच बैठाई जाएगी?
- अवैध निर्माण कब टूटेगा? क्या रेलवे ट्रैक के पास हो रहे इन निर्माणों को ध्वस्त कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
निष्कर्ष:
प्रशासन की यह चुप्पी इशारा करती है कि कहीं न कहीं तंत्र और माफियाओं के बीच सांठगांठ गहरी है। वशिष्ठ वाणी इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और जिग्नेश जैसे कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिलता।













