मलाड न्यू लिंक रोड पर कानून का डर कितना बचा है, इसका जीता-जागता उदाहरण MG (एमजी) कार शोरूम के बाहर देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने यहाँ बाकायदा ‘NO PARKING’ का सरकारी बोर्ड लगा रखा है, लेकिन एमजी शोरूम प्रबंधन के लिए यह बोर्ड सिर्फ एक बेजान लोहे का टुकड़ा बनकर रह गया है। ठीक उसी बोर्ड के नीचे नई गाड़ियों और ग्राहकों के वाहनों की लंबी कतारें खड़ी रहती हैं, मानों पूरा लिंक रोड ही इस शोरूम का ‘प्राइवेट गैरेज’ हो!
जब नियम तोड़ने की तस्वीरें इतनी साफ हैं, तो सवाल उठना तय है—आखिर गोरेगांव ट्रैफिक विभाग और BMC P/North वार्ड कड़ा एक्शन लेने से हाथ क्यों खींच रहे हैं?
कानून आम जनता के लिए, रसूखदारों को छूट?
- आम जनता पर तुरंत क्रेन, शोरूम पर मेहरबानी? अगर कोई आम नागरिक दो मिनट के लिए नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी रोक दे, तो गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस की क्रेन तुरंत पहुँच जाती है और भारी जुर्माना वसूल लिया जाता है। लेकिन एमजी कार शोरूम के बाहर दिन-रात नो-पार्किंग बोर्ड के नीचे गाड़ियाँ खड़ी रहने पर पुलिस की नज़र अचानक कमज़ोर क्यों पड़ जाती है?
- फुटपाथ पर कब्ज़ा, हादसे की ज़िम्मेदारी किसकी? नो-पार्किंग में गाड़ियाँ खड़ी होने की वजह से पैदल चलने वालों का फुटपाथ छिन चुका है। बुजुर्गों और मासूम बच्चों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है। क्या गोरेगांव ट्रैफिक विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
- BMC लाइसेंस रद्द करने की हिम्मत कब दिखाएगी? जब खुद की पार्किंग नहीं है और सरकारी नो-पार्किंग बोर्ड का सरेआम उल्लंघन हो रहा है, तो BMC P/North वार्ड एमजी शोरूम का ट्रेड लाइसेंस रद्द करने का कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी क्यों नहीं करता?
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा और करारा वार: “अगर नो-पार्किंग के बोर्ड के नीचे भी कड़ा एक्शन नहीं होना है, तो गोरेगांव ट्रैफिक विभाग उस बोर्ड को ही वहाँ से उखाड़ फेंके! कम से कम सरकारी पैसों का यह मज़ाक बनना तो बंद होगा। कागज़ी खानापूर्ति और हफ़्ते में एक गाड़ी पर चालान का नाटक बंद कीजिए—दम है तो क्रेन लाकर यहाँ खड़ी हर गाड़ी को ज़ब्त करके दिखाइए!”
कार्रवाई की मांग:
गोरेगांव ट्रैफिक विभाग तुरंत क्रेन भेजकर इन गाड़ियों को जब्त (Tow) करे और BMC P/North वार्ड नियम उल्लंघन के तहत एमजी शोरूम का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करे। लीपापोती बंद करें और कड़ा एक्शन लें!










