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करोड़ों की फीस, पर पार्किंग शून्य! VIBGYOR Rise स्कूल ने सड़क को ही बना दिया बसों का डिपो, BMC और RTO खामोश क्यों?

मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मलाड वेस्ट के चिंचोली बंदर रोड, राजन पाड़ा (राम नगर) क्षेत्र में स्थित ‘VIBGYOR Rise School’ का नया कारनामा सामने आया है। भारी-भरकम फीस वसूलने वाले इस स्कूल ने इमारत तो खड़ी कर ली, लेकिन बच्चों को लाने-ले जाने वाली स्कूली बसों को खड़ा करने के लिए इनके पास 1 इंच जमीन की पार्किंग नहीं है!

नतीजा? स्कूल प्रबंधन ने पूरे चिंचोली बंदर रोड को अपनी ‘प्राइवेट स्कूल बस पार्किंग’ और डिपो में तब्दील कर दिया है। सड़क के दोनों ओर लाइन से खड़ी विशालकाय बसें न केवल आम जनता का रास्ता रोक रही हैं, बल्कि हादसों को न्योता भी दे रही हैं।

1. बिना पार्किंग स्कूल खोलने की अनुमति किसने दी? BMC जवाब दे!

‘वशिष्ठ वाणी’ सीधे BMC P/North वार्ड और शिक्षा विभाग से सवाल पूछती है:

  • किसी भी बड़े इंटरनेशनल या प्राइवेट स्कूल को एनओसी (NOC) और मान्यता देने से पहले पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान जांचना अनिवार्य नियम है।
  • जब VIBGYOR Rise School के पास अपनी बसों को खड़ा करने का परिसर में कोई इंतजाम नहीं था, तो किस अधिकारी ने आंखें मूंदकर यहाँ स्कूल शुरू करने की हरी झंडी दी?
  • क्या लाइसेंस और एनओसी जारी करते वक्त यह मान लिया गया था कि स्कूल की दर्जनों बसें आम जनता के लिए बनी सरकारी सड़क का ही दम घोंटेंगी?

2. RTO और BMC के आला अधिकारियों से साठगांठ का खेल?

राजन पाड़ा और चिंचोली बंदर की व्यस्त सड़कों पर दिन-रात स्कूल बसें खड़ी रहती हैं। बिना किसी प्रशासनिक वरदहस्त या बड़े अधिकारियों से ‘पहचान’ के, मुंबई की सड़कों पर इस तरह अवैध बस डिपो चलाना नामुमकिन है।

‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा और तीखा सवाल:

क्या VIBGYOR Rise स्कूल प्रबंधन की मुंबई RTO और BMC के बड़े अफसरों से कोई खास सेटिंग है? अगर साठगांठ नहीं है, तो बार-बार शिकायतों के बावजूद आरटीओ का दस्ता इन बसों का परमिट रद्द करने या इन्हें क्रेन से उठाकर जब्त करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखा पा रहा?

3. मासूम स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़!

सड़क पर बेतरतीब खड़ी इन बसों के कारण सड़क बेहद संकरी हो जाती है। पीक आवर्स में जब छोटे-छोटे मासूम बच्चे स्कूल आते-जाते हैं, तो उस दौरान अन्य गाड़ियों की आवाजाही से गंभीर हादसे का खतरा हमेशा मंडराता रहता है।

  • अगर सड़क पर खड़ी इन बसों की वजह से कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना घटती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—स्कूल प्रशासन, BMC या खामोश बैठा RTO?

‘वशिष्ठ वाणी’ का अल्टीमेटम:

  1. BMC P/North वार्ड तुरंत VIBGYOR Rise स्कूल प्रबंधन को पार्किंग उल्लंघन का नोटिस जारी करे।
  2. मुंबई RTO और गोरेगांव ट्रैफिक विभाग सड़क पर खड़ी बसों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई कर सड़क खाली कराए।

स्पष्ट संदेश:

नाम बड़े और दर्शन छोटे! बड़े ब्रांड का स्कूल चलाकर सड़क पर अवैध कब्जा जमाने की दादागिरी अब नहीं चलेगी। ‘वशिष्ठ वाणी’ तब तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रहेगी जब तक चिंचोली बंदर रोड आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता!

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