एक दिन की ‘सफाई’ ने खोली पोल—जो आज मुमकिन है, वो 365 दिन क्यों नहीं?
मुंबई (मालवणी): आज रामनवमी (Ram Navami 2026) के पावन अवसर पर मालवणी की जनता ने एक ऐसा नजारा देखा जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और परेशान भी। जिस मालवणी नंबर 1 से लेकर MHADA तक की सड़कों पर पैदल चलना दूभर था, वहां आज मुंबई पुलिस और RTO के सख्त पहरे के बीच एक भी अवैध वाहन नजर नहीं आया।
वशिष्ठ वाणी की पड़ताल में यह साफ हो गया है कि प्रशासन अगर चाहे तो एक घंटे के भीतर पूरा इलाका अतिक्रमण मुक्त हो सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या मुंबई पुलिस और RTO को सिर्फ त्योहारों का इंतजार रहता है?
🔍 ग्राउंड जीरो की हकीकत:
- अचानक जागी व्यवस्था: सालों से जो गाड़ियाँ सड़क का हिस्सा बन चुकी थीं, आज रैली के नाम पर उन्हें पलक झपकते ही हटा दिया गया।
- गायब हुए अवैध स्टैंड: मालवणी नंबर 7 और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से लगने वाले ऑटो-टैक्सी स्टैंड आज गायब थे।
- सवाल नियत पर: स्थानीय निवासियों का कहना है कि “जब आज कार्रवाई हो सकती है, तो आम दिनों में अधिकारी आँखों पर पट्टी क्यों बांध लेते हैं?”
⚠️ जनता का तीखा सवाल
प्रशासन की यह ‘चुनिंदा सक्रियता’ दर्शाती है कि समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि नियत (Intent) की है। रैली खत्म होते ही जैसे ही खाकी वर्दी और नीली बत्ती की गाड़ियाँ यहाँ से हटेंगी, मालवणी की सड़कें फिर से उसी पुराने हाल में लौट आएंगी।
क्या स्थानीय प्रशासन को सिर्फ ‘इवेंट मैनेजमेंट’ के लिए ही तैनात किया गया है? आम जनता की रोजाना की तकलीफों का क्या?













