मुंबई: कांदिवली ट्रैफिक विभाग में हुए एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत अधिकारी सतीश राउत का तबादला कर दिया गया है। इस खबर के बाद से कांदिवली लिंक रोड और एकता नगर के निवासियों में उम्मीद की एक नई लहर दौड़ गई है। ‘वशिष्ठ वाणी’ की लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग और नागरिकों की शिकायतों के बावजूद, कांदिवली लिंक रोड पर अवैध पार्किंग और फुटपाथ पर कब्ज़ा एक बड़ी समस्या बनी हुई थी, जिसे लेकर लोगों में भारी रोष था।
सतीश राउत के कार्यकाल पर उठे थे सवाल
पिछले काफी समय से, कांदिवली लिंक रोड पर अवैध ऑटो गैरेज और बेतरतीब ढंग से पार्क किए गए वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था चरमराई हुई थी। ‘वशिष्ठ वाणी’ ने कई बार सबूतों के साथ दिखाया था कि कैसे मुख्य ट्रैफिक सिग्नल और फुटपाथों को निजी पार्किंग या गैरेज में तब्दील कर दिया गया था। जनता का सीधा आरोप था कि इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई न होने के पीछे सिस्टम की विफलता और अधिकारियों की कथित अनदेखी मुख्य कारण है।
क्या अब बदलेगी तस्वीर?
लिंक रोड पर आम जनता का चलना दूभर हो चुका है। अब जब प्रशासनिक स्तर पर बदलाव हुआ है, तो स्थानीय निवासियों का सवाल है:
- क्या अब अवैध पार्किंग को हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी?
- क्या नए अधिकारी कांदिवली को अतिक्रमण मुक्त करने का साहसिक कदम उठाएंगे?
- क्या दशकों से चल रहे इस ‘अवैध कारोबार’ पर अब पूर्ण विराम लगेगा?
‘वशिष्ठ वाणी’ की चेतावनी
‘वशिष्ठ वाणी’ ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकारी बदलने से समाधान नहीं होगा, जब तक कि ज़मीन पर ठोस कार्रवाई न दिखे। ‘वशिष्ठ वाणी’ अपनी इस मुहिम को तब तक जारी रखेगी जब तक कि कांदिवली लिंक रोड हर तरह के अवैध कब्जे और पार्किंग से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता। हम नए प्रशासन पर भी पैनी नज़र रखेंगे और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे।
वशिष्ठ वाणी का संकल्प: “हमारा उद्देश्य केवल रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि समाधान है। हम नए अधिकारियों के साथ मिलकर इस मुहिम को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”












