मुंबई (वशिष्ठ वाणी): कंदिवली पश्चिम का एकता नगर रोड आज एक ऐसे आरटीओ अधिकारी की भेंट चढ़ चुका है, जिसे न तो कानून की परवाह है और न ही जनता की जान की। हम बात कर रहे हैं कंदिवली आरटीओ के सतीश राउत की। ‘वशिष्ठ वाणी’ पिछले कई महीनों से एकता नगर के निवासियों की उस पीड़ा को उठा रही है, जहाँ भारत गैस एजेंसी के मालिक ने पूरी सड़क को अपना निजी गोदाम बना रखा है।
सतीश राउत का ‘गैस प्रेम’: अपनी जान प्यारी, जनता जाए भाड़ में!
एकता नगर में रहने वाले हजारों परिवारों के बीच आज मौत का बारूद बिछा हुआ है। १४ गाड़ियां, जो हर वक्त एलपीजी गैस सिलेंडरों से लदी रहती हैं, वहां २४ घंटे खड़ी रहती हैं। जब-जब हमने सतीश राउत साहब से कार्रवाई की मांग की, तब-तब उनकी चुप्पी ने यह साबित कर दिया कि वे इस अवैध धंधे के मूक संरक्षक हैं।
‘वशिष्ठ वाणी’ का सतीश राउत से सीधा सवाल: सतीश राउत, अगर यह गैस एजेंसी का गोदाम एकता नगर रोड पर सुरक्षित है, तो क्या आपमें इतनी हिम्मत है कि आप भारत गैस एजेंसी की इन १४ गाड़ियों को आज रात अपने घर या आरटीओ दफ्तर के बाहर पार्क करवा दें? शायद आप ऐसा कभी नहीं करेंगे! क्योंकि आपको अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह है। तो क्या एकता नगर में रहने वाले हजारों परिवार इंसान नहीं हैं? क्या उनके बच्चों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है?
वर्दी की आड़ में ‘पार्किंग माफिया’ की दलाली?
सतीश राउत, आप आरटीओ अधिकारी हैं, कोई पार्किंग माफिया के दलाल नहीं। जनता की सुरक्षा के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी जब अपनी वर्दी की गरिमा भूलकर अवैध पार्किंग को ‘सरकारी अनुमति’ का झूठा जामा पहनाने लगें, तो समझ लीजिए कि भ्रष्ट तंत्र की सीमा पार हो चुकी है। आपने सड़क को गोदाम बनाने का जो लाइसेंस इन डीलरों को दिया है, वह केवल आपकी जेब गरम करने के लिए है, न कि जनता की सेवा के लिए।
वशिष्ठ वाणी का अल्टीमेटम: शर्म कीजिए!
आपकी इस बेशर्मी और ढीले रवैये का अंत अब नजदीक है। ‘वशिष्ठ वाणी’ केवल खबर नहीं छाप रही, बल्कि आपकी हर एक नाकामी का कच्चा चिट्ठा तैयार कर रही है। अगर कल को उस सड़क पर कोई भी अनहोनी या धमाका होता है, तो उसका खून आपके और आपके वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों पर होगा।
आपकी यह ‘सड़क-गोदाम’ नीति जनता की सुरक्षा के साथ भद्दा मजाक है। एकता नगर की जनता अब और खामोश नहीं बैठेगी। अगर आप कार्रवाई नहीं करना चाहते, तो अपनी कुर्सी खाली कर दें, क्योंकि ‘वशिष्ठ वाणी’ अब इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाने की तैयारी कर चुकी है।
शर्म कीजिए सतीश राउत, वर्दी का सम्मान करना सीखिए, दलाली करना नहीं!










