मुंबई: मुंबई के लिंक रोड पर रोज़ाना लगने वाले भीषण जाम से जूझ रहे लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा लिंक रोड को ‘अवैध पार्किंग मुक्त’ बनाने के लिए जो मुहिम शुरू की गई थी, उसे बड़ी सफलता मिली है। इस सफलता में गोरेगांव ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों की भूमिका बेहद सराहनीय रही है।
प्रशासन और मीडिया का सफल तालमेल
जब भी ‘वशिष्ठ वाणी’ ने लिंक रोड पर अवैध पार्किंग की शिकायत की, गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सख्ती दिखाई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे।
- शोरूम्स पर कसा शिकंजा: सड़क घेरकर अपनी गाड़ियाँ खड़ी करने वाले कई बड़े शोरूम्स को महीनों तक लगातार चालान का सामना करना पड़ा। जब उन्हें यह अहसास हुआ कि अब ‘जुगाड़’ या ‘दबाव’ काम नहीं आएगा, तो उन्होंने विवश होकर सड़क से अपना अवैध कब्जा हटा लिया।
- जनता ने की सराहना: लिंक रोड अब पहले के मुकाबले काफी खुला और सुगम हो गया है। रोज़ाना जाम से परेशान रहने वाली जनता ने इस मुहिम की जमकर तारीफ की है और प्रशासन के इस सक्रिय कदम का स्वागत किया है।
वशिष्ठ वाणी का संकल्प
इस सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि सही नीयत और ठोस साक्ष्यों के साथ आवाज़ उठाई जाए, तो मुंबई की सड़कों को अतिक्रमण-मुक्त बनाया जा सकता है। गोरेगांव ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों का सहयोग अन्य इलाकों के लिए भी एक मिसाल है।
‘वशिष्ठ वाणी’ अपने पाठकों को विश्वास दिलाती है कि लिंक रोड और पूरे इलाके को पूरी तरह सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाने की यह मुहिम जारी रहेगी। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हर सड़क पर आम आदमी का हक सुरक्षित न हो जाए।
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