लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

वशिष्ठ वाणी एक्सक्लूसिव: म्हाडा अधिकारी बी.एस. कटरे की ‘कुंभकर्णी नींद’, मालवणी में मौत को दावत दे रहा भ्रष्टाचार!

मुंबई (मालवणी): क्या सरकारी तनख्वाह सिर्फ जनता की शिकायतों को रद्दी में फेंकने के लिए ली जाती है? यह सवाल आज मालवणी गेट नंबर 8 की त्रस्त जनता म्हाडा अधिकारी बी.एस. कटरे से पूछ रही है। वर्षों से न्याय की गुहार लगा रही जनता के सब्र का बांध अब टूट चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही।


स्वप्नपूर्ति सोसाइटी या ‘भगत’ की जागीर?

मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसाइटी (बिल्डिंग 1-D) के निवासी एक ही सवाल पूछ रहे हैं— बालासाहेब भगत को पद से कब हटाया जाएगा? जिस फेडरेशन के दम पर भगत अपनी सत्ता चला रहे थे, वह अब बंद हो चुका है। बावजूद इसके, म्हाडा प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। एक ऑटो रिक्शा चालक ने अपने रसूख के दम पर पूरी सोसाइटी को अवैध ऑटो स्टैंड में तब्दील कर दिया है, जिससे निवासियों का जीना दूभर हो गया है।


सिर पर लटकती मौत: क्या किसी लाश का इंतज़ार है?

सोसाइटी के मेन गेट पर लगा भारी-भरकम जर्जर बोर्ड किसी भी पल गिर सकता है। यह बोर्ड नहीं, बल्कि जनता के सिर पर लटकती ‘मौत’ है। वशिष्ठ वाणी सीधे तौर पर अधिकारी बी.एस. कटरे से पूछती है— “क्या जब यह बोर्ड किसी मासूम की जान लेगा, तभी आपकी फाइलें आगे बढ़ेंगी? क्या प्रशासन को जगाने के लिए अब किसी बड़े हादसे की बलि चाहिए?”


अधिकारियों का मर चुका है ‘ज़मीर’

अनेक शिकायतों, सबूतों और प्रदर्शनों के बाद भी अधिकारी कतरे का मौन रहना इस बात की गवाही देता है कि पर्दे के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है। क्या एक ऑटो चालक का रसूख म्हाडा के नियमों से बड़ा हो गया है? या फिर भ्रष्टाचार की मलाई ने अधिकारियों की आवाज़ दबा दी है?

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

करोड़ों की फीस, पर पार्किंग शून्य! VIBGYOR Rise स्कूल ने सड़क को ही बना दिया बसों का डिपो, BMC और RTO खामोश क्यों?

नो-पार्किंग का बोर्ड सिर्फ दिखावा? गोरेगांव ट्रैफिक विभाग की ‘फॉरवर्डिंग-फॉरवर्डिंग’ नीति से मलाड न्यू लिंक रोड पर बेखौफ अवैध कब्जा!

विपक्ष दिग्गजों का सहारा बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’! क्या अभिजीत दीपके ही ख़त्म करेंगे मोदी का राज?

७२ घंटे बीते, पर कांदिवली पश्चिम छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स से नहीं हिले बारूद के ट्रक; ‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे के बाद अब कोर्ट के कटघरे में होंगे लापरवाह अफ़सर!

बड़ी खबर: ४८ घंटे बाद भी एकता नगर में डटे हैं ‘मौत के ट्रक’; कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और RTO की रहस्यमयी चुप्पी!

रितु तावड़े और प्रशासन से जनता का सीधा सवाल—फुटपाथ ब्लॉक हैं तो नागरिक कहाँ से जाएंगे?

Leave a Comment