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‘वशिष्ठ वाणी’ की खबर का बड़ा असर: मालाड में रास्ता बंद करने वाले दबंगों पर गिरेगी गाज, मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर विनायक पाडवी!

खबर छपते ही एक्शन में आया प्रशासन; गोरेगांव डिप्टी कलेक्टर ने दी 2 दिन की मोहलत, वर्ना BMC का चलेगा हथौड़ा

मुंबई | मालाड (पश्चिम) | ‘वशिष्ठ वाणी’ इंपैक्ट रिपोर्ट

इसे कहते हैं खोजी और निष्पक्ष पत्रकारिता की ताकत! मालाड पश्चिम के एरंगळ गांव में एक लाचार महिला अधिकारी के घर का रास्ता रोकने वाले दबंगों और फाइलों को दबाकर बैठे प्रशासनिक तंत्र पर ‘वशिष्ठ वाणी’ और ‘वाणी मीडिया’ ने जैसे ही तीखा प्रहार किया, पूरा सरकारी अमला नींद से जाग गया। खबर पब्लिश होते ही गोरेगांव के डिप्टी कलेक्टर (उपजिलाधिकारी) विनायक पाडवी जी खुद दलबल के साथ ग्राउंड जीरो (मौके पर) मुआयना करने पहुंच गए।


डिप्टी कलेक्टर की दबंगों को दो टूक: ‘खुद हटा लो दीवार, नहीं तो हम तोड़ देंगे’

मौके पर पहुंचे गोरेगांव के डिप्टी कलेक्टर विनायक पाडवी ने हालात का जायजा लिया और मीडिया से बात करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने अवैध निर्माण करके आम रास्ता ब्लॉक किया है, उसे 2 दिन का अल्टीमेटम (चेतावनी) दिया जा रहा है।

डिप्टी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मानसून (बारिश) के मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी तुरंत तोड़फोड़ न कर, आरोपी को खुद दीवार हटाने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अगर अगले 48 घंटों (दो दिन) के भीतर रास्ते के बीच में खड़ी इस अवैध दीवार को नहीं हटाया गया, तो प्रशासन BMC (मुंबई महानगरपालिका) को साथ लेकर इस निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त (तोड़) कर देगा।


कौन कहता है खबर छपने के बाद अधिकारी कुर्सी से नहीं उठते? विनायक पाडवी जी को देखिए!

अक्सर लोग निराश होकर कहते हैं कि अखबारों या पोर्टल्स में खबरें छपने के बाद भी सुस्त अधिकारी अपनी एसी कुर्सियों से नहीं उठते, फाइलें दबी की दबी रह जाती हैं। लेकिन गोरेगांव के डिप्टी कलेक्टर विनायक पाडवी जी ने इस धारणा को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

‘वशिष्ठ वाणी’ में खबर पब्लिश होते ही उन्होंने बिना एक पल गंवाए, तुरंत एक्शन लिया और खुद मौके पर पहुंच गए। जब प्रशासन में विनायक पाडवी जैसे संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हों, तो जनता का कानून पर विश्वास और मजबूत होता है। ‘वशिष्ठ वाणी’ की इस धारदार खबर और डिप्टी कलेक्टर पाडवी जी की इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब यह साफ हो गया है कि शिकायतकर्ता नेहा निलेश वालावलकर को बहुत जल्द न्याय मिलेगा।


क्या था मामला?

आपको याद दिला दें कि योगाश्रम, बुल्लर गार्डन, एरंगळ विलेज, दाणापाणी, मालाड (प.), मुंबई-400061 में रहने वाली नेहा निलेश वालावलकर पिछले कई महीनों से अपने ही घर से बाहर निकलने के रास्ते के लिए सिस्टम के आगे गुहार लगा रही थीं। दबंगई इस कदर हावी थी कि उनके घर का मुख्य रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था, जिसके कारण उन्हें एक साल तक किराए के मकान में भी भटकना पड़ा।

29 जुलाई 2025 से गोरेगांव कलेक्टर ऑफिस में शिकायत धूल खा रही थी। लेकिन जैसे ही ‘वशिष्ठ वाणी’ ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों की कुर्सी पर तीखा कटाक्ष किया, वैसे ही साहब को फील्ड पर आना पड़ा।


अब अगर दो दिन में दीवार नहीं हटी, तो चलेगा प्रशासन का चाबुक!

‘वशिष्ठ वाणी’ की इस मुहिम ने यह साबित कर दिया है कि जब मीडिया जनता की आवाज को मजबूती से उठाता है, तो बड़े से बड़े अधिकारियों को भी झुकना पड़ता है और अपनी कुर्सियां छोड़नी पड़ती हैं।

डिप्टी कलेक्टर विनायक पाडवी जी ने मौके पर आकर जांच तो शुरू कर दी है और 2 दिन का समय भी दे दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या दो दिनों में वो अवैध दीवार हटती है, या फिर प्रशासन का चाबुक और BMC का बुलडोजर वहां गरजता है।

‘वशिष्ठ वाणी’ इस मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। जब तक नेहा जी को पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता, हमारी रिपोर्टिंग जारी रहेगी!

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