मुंबई (कांदिवली-मलाड पश्चिम): क्या मुंबई में कानून का डर खत्म हो चुका है? जनकल्याण नगर में Dotom बिल्डर की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। वशिष्ठ वाणी न्यूज़ द्वारा किए गए पिछले खुलासे के बाद भी बिल्डर प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया है, बल्कि नियमों को चुनौती देते हुए देर रात तक निर्माण कार्य जारी रखा जा रहा है।
GPS कैमरे ने खोली पोल: गुरुवार रात 12 बजे का सच
हाल ही में वशिष्ठ वाणी न्यूज़ ने अपनी रिपोर्ट में दिखाया था कि कैसे रात के 1 बजे निर्माण कार्य किया जा रहा था और कैमरा देखते ही कर्मचारी भाग खड़े हुए थे। लेकिन अब एक नया और बड़ा खुलासा सामने आया है।


हमारे पास मौजूद ताज़ा GPS कैमरा वीडियो के अनुसार:
- दिन: गुरुवार (16 तारीख)
- समय: रात के 12:00 बजे
- लोकेशन: जनकल्याण नगर, कांदिवली/मलाड
वीडियो साक्ष्य में साफ दिख रहा है कि रात के सन्नाटे में भारी मशीनों के साथ काम धड़ल्ले से चल रहा है। GPS लोकेशन और टाइम स्टैम्प ने बिल्डर के झूठ की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है।
प्रशासन की चुप्पी पर खड़े हुए तीखे सवाल
इस निरंतर उल्लंघन ने BMC (P-नॉर्थ वार्ड) और मुंबई पुलिस की कार्यक्षमता को कठघरे में खड़ा कर दिया है:
- जब नियम रात 10 बजे के बाद काम की अनुमति नहीं देते, तो Dotom बिल्डर को यह विशेषाधिकार किसने दिया?
- क्या प्रशासन किसी बड़े दबाव में है, जो बार-बार सबूत सामने आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही?
- क्या स्थानीय निवासियों के मानसिक स्वास्थ्य और शांति की कोई कीमत नहीं है?
जनता की मांग: रद्द हो लाइसेंस!
स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और चैन के साथ खिलवाड़ है। अब सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र रेरा (MahaRERA) और BMC इस बिल्डर पर भारी जुर्माना लगाकर इसका लाइसेंस रद्द करेंगे, या फिर प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध खेल यूँ ही चलता रहेगा?
वशिष्ठ वाणी न्यूज़ इस मुद्दे पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है। हम हर नए सबूत के साथ प्रशासन को जगाने का काम जारी रखेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट: वशिष्ठ वाणी न्यूज़ टीम












