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एक्सक्लूसिव खुलासा: मलाड के ‘फ्लैग रेस्टोरेंट’ की छत पर अवैध मानसून शेड? बीएमसी की अनुमति या नियमों की खुली अनदेखी!

विशेष रिपोर्ट (वशिष्ठ वाणी)

मुंबई। मलाड (पश्चिम) के चिंचोली बंदर रोड (लिंक रोड) स्थित चर्चित ‘फ्लैग रेस्टोरेंट’ (Flag Restaurant) इस समय बीएमसी के कड़े नियमों और प्रशासनिक जवाबदेही के कटघरे में है। रेस्टोरेंट की छत (टेरेस) पर वर्षों से तना हुआ मानसून शेड अब एक बड़ा प्रशासनिक सवाल बन चुका है। नियमों को दरकिनार कर किया गया यह निर्माण बीएमसी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।

बड़ा सवाल: टेरेस पर कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत किसने दी?

‘वशिष्ठ वाणी’ के पास मौजूद तस्वीरों और साक्ष्यों के अनुसार, फ्लैग रेस्टोरेंट की छत (टेरेस) को चारों तरफ से कवर करके एक बड़े शेड का रूप दे दिया गया है।

  • स्वीकृत प्लान से बाहर निर्माण? नियमानुसार, किसी भी व्यावसायिक संस्थान या रेस्टोरेंट को केवल बीएमसी द्वारा स्वीकृत बिल्ट-अप एरिया के भीतर ही अपनी गतिविधियां संचालित करने की अनुमति होती है। टेरेस को कवर करके उसे व्यावसायिक उपयोग में लाना बीएमसी के कंस्ट्रक्शन और फायर सेफ्टी नियमों का खुला उल्लंघन माना जाता है।
  • मानसून के नाम पर सालों-साल स्थायी ढांचा: आमतौर पर बीएमसी मानसून के दौरान सुरक्षात्मक उपाय के रूप में अस्थाई शेड लगाने की अनुमति देती है। हालांकि, फ्लैग रेस्टोरेंट का यह शेड मानसून बीत जाने के बाद भी नहीं हटता और साल के बारह महीने इसी तरह बना रहता है।
  • बीएमसी की चुप्पी पर सवाल: यदि बीएमसी का दावा है कि इस शेड के लिए उचित अनुमति ली गई है, तो प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या टेरेस को कवर कर व्यावसायिक गतिविधि चलाने की अनुमति नियमानुसार दी जा सकती है?

दूसरा गंभीर मुद्दा: मुख्य मार्ग पर अवैध पार्किंग और यातायात में बाधा

टेरेस पर बने इस विवादित शेड के अलावा, फ्लैग रेस्टोरेंट के बाहर सड़क पर होने वाली पार्किंग भी आम जनता और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।

  • ‘नो पार्किंग’ ज़ोन की अवहेलना: रेस्टोरेंट के ठीक बाहर मुख्य रोड पर ‘नो पार्किंग’ का आधिकारिक बोर्ड लगा होने के बावजूद यहाँ गाड़ियों की पार्किंग कराई जाती है, जिससे लिंक रोड पर यातायात बाधित होता है।
  • कार्रवाई में ढिलाई की शिकायतें: स्थानीय स्तर पर दर्ज शिकायतों के अनुसार, गोरेगांव ट्रैफिक विभाग द्वारा शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने के बजाय रेस्टोरेंट प्रबंधन के समन्वय का इंतजार किया जाता है। गाड़ियों के हट जाने के बाद केवल औपचारिकता के तौर पर फोटो खींचकर कार्रवाई का दावा किया जाता है, जो प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाता है।

बीएमसी और संबंधित विभागों से ‘वशिष्ठ वाणी’ के सीधे सवाल:

  1. क्या बीएमसी के पी-उत्तर (P-North) वार्ड द्वारा फ्लैग रेस्टोरेंट के टेरेस पर बने इस ढांचे की जांच की जाएगी?
  2. यदि यह शेड नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो क्या बीएमसी प्रशासन इस पर डिमोलिशन (कार्रवाई) के आदेश जारी करेगा?
  3. मुख्य मार्ग पर अवैध पार्किंग की वजह से आम जनता को हो रही असुविधा पर ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी संयुक्त रूप से क्या ठोस कदम उठाएंगे?

(वशिष्ठ वाणी इस पूरे मामले पर बीएमसी पी-उत्तर वार्ड और संबंधित अधिकारियों के पक्ष का इंतजार कर रही है।)

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