मुंबई: क्या BMC P/North वार्ड ‘जनता की सेवा’ के लिए है या कुछ चुनिंदा अधिकारियों की ‘जागीर’? ‘वशिष्ठ वाणी’ के सूत्रों ने एक बड़ा खुलासा किया है—इस वार्ड में ऐसे कई अधिकारी हैं जो पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से एक ही कुर्सी पर काबिज हैं। प्रशासनिक नियमों के अनुसार, संवेदनशील पदों पर तबादला जरूरी है, लेकिन यहाँ तो मानो ‘स्थानांतरण’ शब्द ही डिक्शनरी से गायब है!
इतिहास गवाह है: वशिष्ठ वाणी ने पहले भी किया था आगाह आपको याद होगा, 4 जुलाई 2025 को ‘वशिष्ठ वाणी’ ने मालाड वेस्ट के विवाह पंजीकरण कार्यालय (Marriage Registration Office) में तैनात सुवर्णा मैडम का मुद्दा उठाया था, जो पिछले 10 वर्षों से एक ही पद पर काबिज थीं। उस समय भी हमने चेताया था कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक बने रहना ‘सेटिंग-गेटिंग’ और ‘भ्रष्टाचार’ को बढ़ावा देता है। अब फिर से वही स्थिति सामने आ रही है।
अश्विनी भिड़े मैम से सीधा सवाल: कब जागेगा प्रशासन?
‘वशिष्ठ वाणी’ BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े जी से विनम्रतापूर्वक लेकिन दृढ़ता से मांग करता है कि वे इस मामले में तुरंत एक उच्च-स्तरीय जांच बिठाएं। जब कोई अधिकारी एक ही पद पर सालों तक बैठा रहता है, तो उसके संबंध स्थानीय बिल्डरों और अवैध निर्माण माफियाओं से गहरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज P/North वार्ड में अवैध निर्माण जोरों पर है और जन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
क्यों जरूरी है इन अधिकारियों का तबादला?
- मिलीभगत का अंत: लंबे समय तक एक ही पद पर रहने से अधिकारियों और अवैध निर्माण करने वालों के बीच ‘सेटिंग’ हो जाती है।
- पारदर्शिता: नए चेहरे आने से पुरानी फाइलों की धूल झाड़ी जा सकेगी और रुकी हुई कार्रवाई में तेजी आएगी।
- जनता का भरोसा: जनता को यह महसूस होना चाहिए कि प्रशासन किसी की जेब में नहीं है।
वशिष्ठ वाणी की चेतावनी:
हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—BMC के उन अधिकारियों का पर्दाफाश करना जो अपनी कुर्सी का उपयोग जनता की सेवा नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ और अवैध धंधों को बचाने के लिए कर रहे हैं। अगर कमिश्नर महोदया इस पर संज्ञान नहीं लेतीं, तो वशिष्ठ वाणी उन तमाम फाइलों और अवैध निर्माणों की पोल खोलेगा, जो इन अधिकारियों की ‘मेहरबानी’ से पनप रहे हैं।
कमिश्नर साहब, जनता देख रही है! क्या आप इन जमे हुए ‘अधिकारियों’ का तबादला कर P/North वार्ड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाएंगी?










