वाराणसी/वशिष्ठ वाणी: वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की सिगरा थाना पुलिस एवं एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय टप्पेबाजी गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के पास से चोरी की गई सोने की नाक की कीलें (अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये), 1.62 लाख रुपये नकद तथा दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। दोनों अभियुक्त गुजरात के अहमदाबाद निवासी बताए जा रहे हैं।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
11 दिसंबर 2025 को एक स्वर्ण आभूषण व्यापारी अपने स्टाफ और चालक के साथ एर्टिका कार से प्रयागराज जा रहे थे। आकाशवाणी तिराहे के पास अभियुक्तों ने टप्पेबाजी की पुरानी तरकीब अपनाते हुए यह कहकर वाहन रुकवाया कि कार से मोबाइल ऑयल गिर रहा है। बोनट खोलकर जांच के दौरान पैदा हुई अफरा-तफरी का फायदा उठाकर उन्होंने वाहन में रखा बैग चोरी कर लिया।
चोरी किए गए बैग में शामिल थे—
- 175 पत्ते (प्रत्येक में 50 पीस) सोने की नाक की कीलें
- 57 पत्ते (प्रत्येक में 25 पीस) सोने की नाक की कीलें
- 10–12 छोटे गले के लॉकेट
मुकदमा दर्ज
घटना के संबंध में थाना सिगरा में मुकदमा संख्या 0474/2025 दर्ज किया गया, जिसमें धारा 303(2), 318(4) बीएनएस तथा बाद में 317(2), 336(1) बीएनएस की धाराएं जोड़ी गईं।
गिरफ्तारी व बरामदगी
पुलिस आयुक्त के अपराध विरोधी अभियान के तहत डीसीपी काशी जोन के निर्देशन, एडीसीपी काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा एसीपी चेतगंज के नेतृत्व में 06 जनवरी 2026 को वसुंधरा कॉलोनी स्थित रेलवे के जर्जर खाली क्वार्टर से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त:
- रमण जाधव (42 वर्ष), निवासी अहमदाबाद, गुजरात
- प्रेम विश्वनाथ जाधव (22 वर्ष), निवासी अहमदाबाद, गुजरात
बरामद माल:
- 1,62,000 रुपये नकद (चोरी का सोना बेचकर प्राप्त)
- कुल 848 सोने की नाक की कीलें (9 पत्ते × 50 = 450, 332 लूज, 66 डिब्बियों में)
- 2 फर्जी आधार कार्ड
पूछताछ में जुर्म कबूला
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि चोरी का माल आपस में बांट लिया गया था, जबकि उनके अन्य साथी फरार हैं। पहचान छिपाने के लिए वे फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे और नई वारदात की फिराक में थे।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफल कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पूरी टीम सराहना की पात्र है। टीम में उपनिरीक्षक पंकज पाण्डेय, मनोज चौहान, सुधीर कुमार अग्रहरी, अभय गुप्ता, गौरव सिंह (एसओजी), अभिषेक पाण्डेय (एसओजी), मुख्य आरक्षी संजय चौधरी, विनोद कुमार यादव तथा आरक्षी अवनीश पाण्डेय, सचिन मिश्रा, मयंक त्रिपाठी, प्रशांत तिवारी, मनीष बघेल, अखिलेश कुमार गिरी और शैलेंद्र सिंह (एसओजी/सर्विलांस) शामिल रहे।
पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। यह गिरफ्तारी अंतरराज्यीय टप्पेबाजी गिरोह पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।


