विशेष रिपोर्ट | मुंबई
दैनिक समाचार पत्र ‘वशिष्ठ वाणी’ में चारकोप पुलिस स्टेशन की मुस्तैदी और जनमित्र व्यवहार को लेकर प्रकाशित विशेष रिपोर्ट के बाद अब सामाजिक क्षेत्रों से भी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। ‘वशिष्ठ वाणी’ में प्रकाशित इस ग्राउंड रिपोर्ट को पढ़ने के बाद प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने चारकोप पुलिस की कार्यशैली की जमकर तारीफ की है और इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम बताया है।
“पुलिस के प्रति खत्म होना चाहिए डर का माहौल”
सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने ‘वशिष्ठ वाणी’ में प्रकाशित रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए कहा कि आज भी आम नागरिकों के मन में पुलिस स्टेशन जाने को लेकर एक झिझक और भय बना रहता है। लेकिन चारकोप पुलिस जिस तरह से फरियादियों की बात सुन रही है और उनका सहयोग कर रही है, उससे जनता का यह डर दूर होगा।
इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सम्राट बागुल ने कहा:
“अगर पुलिस अपनी कार्यशैली को इसी तरह संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निभाती रहे, तो जनता के मन से पुलिस चौकी जाने का डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा। जब नागरिक बिना किसी भय के सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी समस्या और जानकारी साझा करेंगे, तो हर विषय का एक सही समाधान निकलेगा।”
“जन-सहयोग से ही कम होगा अपराध”
सम्राट बागुल ने जोर देकर कहा कि क्राइम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और जनता के बीच का फासला खत्म होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा:
“जब जनता निर्भय होकर पुलिस के पास मदद मांगने जाएगी और क्षेत्र की असामाजिक गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देगी, तो अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। चारकोप पुलिस की यह कार्यशैली अगर हर जगह देखने को मिले, तो समाज से अपराध (क्राइम) में भारी कमी आएगी।”
सामाजिक बदलाव की नई मिसाल
सम्राट बागुल के इस बयान से यह स्पष्ट है कि ‘वशिष्ठ वाणी’ में उजागर की गई चारकोप पुलिस की यह जनमित्र कार्यशैली न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि पुलिस और समाज के बीच एक विश्वास की नई डोर बांधने का काम भी कर रही है।











