मुंबई: मालाड वेस्ट के जन कल्याण नगर रोड (सेंट जूड स्कूल के सामने, दिव्या पार्क और बफिरा नगर) पर बीएमसी अतिक्रमण विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक प्रवीण वाघेला (Praveen Vaghela) की कार्यशैली ने साबित कर दिया है कि उनके सारे वादे सिर्फ कागजी जुमले थे। आज भी हालात में कोई सुधार नहीं आया है; अधिकारी प्रवीण वाघेला की मेहरबानी से फुटपाथ पर अवैध कब्जा पूरी तरह बदस्तूर जारी है!
‘प्रतिदिन कार्रवाई’ का दावा निकला सरासर सफेद झूठ
अधिकारी प्रवीण वाघेला ने बड़े गर्व से मीडिया को बयान दिया था कि जन कल्याण नगर के फुटपाथ को अवैध कब्जे से मुक्त रखने के लिए उनके द्वारा प्रतिदिन (Daily) कार्रवाई की जाएगी। लेकिन धरातल की सच्चाई ने उनके इन दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं:
- शिकायत पर ही जागता है प्रशासन: जब तक मीडिया या स्थानीय लोग बार-बार शिकायत नहीं करते, तब तक विभाग गहरी नींद में रहता है।
- 30 मिनट का खेल और फिर वही हाल: जब कभी दबाव पड़ने पर दिखावे की कार्रवाई कर भी दी जाती है, तो उसके महज 30 मिनट के भीतर प्रवीण वाघेला की कथित ‘मेहरबानी’ और सांठगांठ से सारा सामान और अतिक्रमण दोबारा उसी जगह पर वापस आ जाता है!
जनता का तीखा सवाल: मिलीभगत नहीं तो और क्या है?
जब कार्रवाई के आधे घंटे के अंदर ही हालात जस के तस हो जाते हैं, तो यह साफ जाहिर होता है कि बीएमसी और अतिक्रमणकर्ताओं के बीच पर्दे के पीछे क्या खेल चल रहा है। अधिकारियों को आम जनता की असुविधा, स्कूली बच्चों की सुरक्षा या शहर की बदहाली से कोई मतलब नहीं है—उन्हें सिर्फ अपनी तिजोरी भरने से मतलब है।
‘वशिष्ठ वाणी’ इन झूठे वादों और कागजी ड्रामों की पोल लगातार खोलता रहेगा। जब तक जन कल्याण नगर के इन रास्तों को इन लापरवाह अधिकारियों के चंगुल से हमेशा के लिए मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक हमारा यह तीखा पहरा और करारा कटाक्ष जारी रहेगा!











