रिपोर्ट: ओमकार नाथ
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। लंका स्थित रविदास गेट से बीएचयू ट्रामा सेंटर तक जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों गंभीर बदहाली का शिकार है। विकास कार्यों के नाम पर बार-बार की गई खुदाई ने इस महत्वपूर्ण सड़क को खस्ताहाल बना दिया है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरी सीवर लाइन, उखड़ी सड़क और उड़ती धूल राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है।
यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील मार्गों में शामिल है, जहां से रोजाना हजारों वाहन और लाखों लोग गुजरते हैं। बावजूद इसके सड़क की हालत यह दर्शाती है कि संबंधित विभागों द्वारा इसकी नियमित निगरानी और मरम्मत पर गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
बार-बार खुदाई से बिगड़ती स्थिति
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण होते ही कुछ ही दिनों बाद किसी न किसी विभाग द्वारा दोबारा खुदाई कर दी जाती है। कभी सीवर लाइन, कभी पाइपलाइन और कभी केबल डालने के नाम पर सड़क को फिर से क्षतिग्रस्त कर दिया जाता है। खुदाई के बाद महीनों तक सड़क की मरम्मत नहीं होती, जिससे हालात और बदतर हो जाते हैं।
सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण राहगीरों और दुकानदारों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। दमा, एलर्जी और अन्य सांस संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, वहीं क्षेत्र का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है।
जाम और दुर्घटनाओं का खतरा
मार्ग के बीचों-बीच डाली गई सीवर लाइन के ऊपर अब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं किया गया है। दोनों ओर पटरी पर गड्ढे, बालू, ईंट और पाइपलाइन का सामान बिखरा पड़ा है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। परिणामस्वरूप यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
जाम के कारण एंबुलेंस, स्कूली वाहन और आम नागरिक घंटों फंसे रहते हैं। बीमार मरीजों और छात्रों को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। जर्जर सीवर चैंबर किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
रविदास जयंती से पहले बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि 1 फरवरी को संत शिरोमणि रविदास की जयंती मनाई जानी है। लंका रविदास गेट से सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर तक जाने के लिए यही प्रमुख मार्ग है। जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, लेकिन मौजूदा हालात में यह मार्ग सुरक्षित और सुगम नहीं दिख रहा।
व्यापारियों पर भी असर
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क की बदहाली से उनका कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। महामाया जनरल स्टोर के दुकानदार ने बताया कि धूल और गर्दे से दुकान में रखा सामान खराब नजर आने लगता है। ग्राहक एक्सपायरी डेट पर शक करने लगते हैं और खरीदारी से बचते हैं, जिससे व्यापार को नुकसान हो रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासी सत्य प्रकाश सोनकर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में यह सड़क कई बार खोदी और बनाई जा चुकी है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदारों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण सड़क को बार-बार नुकसान पहुंचता है।
लोगों की मांग है कि सभी विभाग आपसी तालमेल से सीवर, पाइपलाइन और अन्य कार्य एक साथ पूरे करें, ताकि सड़क को बार-बार न खोदना पड़े। इससे सरकारी धन की बचत के साथ-साथ आम जनता को भी राहत मिलेगी।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताए जा रहे विकास कार्यों की भावना के अनुरूप इस वीवीआईपी मार्ग का स्थायी समाधान निकाला जाए। यदि शीघ्र मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो संत रविदास जयंती के दौरान श्रद्धालुओं और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
