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BMC का ‘राम-राम सत्य’ मॉडल: क्या राममंदिर SV रोड का गड्ढा अब ‘धरोहर’ बन चुका है?

मुंबई: अगर आप राममंदिर SV रोड से गुजर रहे हैं, तो अपनी गाड़ी के शॉक-अप्स और अपनी रीढ़ की हड्डी को अलविदा कह दीजिए! BMC के ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों की पोल खोलता यह गड्ढा अब कोई साधारण गड्ढा नहीं रहा, यह BMC की अकर्मण्यता का ‘राष्ट्रीय स्मारक’ बन चुका है।

‘वशिष्ठ वाणी’ की चेतावनी का BMC पर ‘शून्य’ असर!

हमने 22 जून को आपको जगाने की कोशिश की थी। हमने सबूत दिखाए, हमने चिल्लाकर कहा कि यह जानलेवा है। लेकिन BMC के साहबान की बेशर्मी का आलम यह है कि उन्हें जनता की चीखें नहीं, शायद गड्ढों में जमा पानी का संगीत सुनाई दे रहा है। महीनों से यहाँ मौत का यह ‘ट्रैप’ बिछा है, पर न नगरसेवक को दिख रहा है, न उस अफसर को जिसकी जिम्मेदारी सड़क को सड़क बनाए रखने की है।

अधिकारियों के लिए ‘अवार्ड ऑफ द ईयर’:

हम BMC के उन लापरवाह अधिकारियों को ‘बेस्ट इग्नोरेंस अवार्ड’ देना चाहते हैं, जो मानसून में तो सड़क पर उतरते हैं, लेकिन उन्हें गड्ढे तभी दिखते हैं जब कोई दुर्घटना होकर मीडिया में सुर्खियां बन जाती है। क्या आप लोग सिर्फ किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? या फिर इस गड्ढे का ‘ठेका’ किसी ऐसे विभाग के पास है जिसे सिर्फ ‘वसूली’ से मतलब है, ‘सड़क’ से नहीं?

जनता का BMC से सीधा सवाल:

  • आखिर इस गड्ढे का ‘भगवान’ कौन है? इसे भरने की हिम्मत क्यों नहीं हो रही?
  • क्या BMC के पास सड़क बनाने के लिए फंड खत्म हो गया है, या सारा बजट आप लोगों ने अपने ‘फोटो सेशन’ और ‘PR’ पर उड़ा दिया है?
  • मानसून में सड़क पर उतरकर सेवा का ढोंग करने वाले माननीय नेता, क्या आपको ये गड्ढे नहीं दिखते या आपकी नजरों पर भी BMC की लापरवाही का चश्मा चढ़ा है?

चेतावनी: वशिष्ठ वाणी की यह खबर आखिरी चेतावनी है। अब अगर यह गड्ढा नहीं भरा गया, तो हम अगली बार फोटो नहीं, सीधे उन अधिकारियों की नाम और फोटो के साथ ‘पोल’ खोलेंगे जो इस जानलेवा गड्ढे के लिए जिम्मेदार हैं।

मुंबईकरों, अब जागने का वक्त है! इस खबर को इतना शेयर करें कि BMC के एसी कमरों में बैठे इन लापरवाह अफसरों की कुर्सियां हिलने लगें।

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