मुंबई/वशिष्ठ वाणी। मलाड लिंक रोड पर फुटपाथ और सड़क किनारे पार्किंग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मुंबई RTO की ओर से पहले यह दावा किया गया था कि इस क्षेत्र में अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
हालांकि, 12 मार्च 2026 को ली गई ताज़ा तस्वीरों में सड़क और फुटपाथ के किनारे फिर से कार और बाइक खड़ी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि कार्रवाई की गई थी, तो उसी स्थान पर दोबारा वाहन कैसे खड़े हो गए।
मीडिया की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों ने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर चर्चा शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से सख्त कार्रवाई की जाए, तो ऐसी स्थिति बार-बार पैदा नहीं होगी।
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब ट्रैफिक विभाग के अधिकारी कार्रवाई के लिए आते हैं, तो क्या उस समय व्यवस्था अस्थायी रूप से ठीक कर दी जाती है और बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
⚖️ जवाबदेही पर उठे सवाल
शहर में ट्रैफिक नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होती है। आम नागरिकों के खिलाफ नियम उल्लंघन पर तुरंत चालान और कार्रवाई देखने को मिलती है, लेकिन कई बार यह भी सवाल उठता है कि क्या नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।
📌 प्रशासन से अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों और मीडिया की मांग है कि इस क्षेत्र में नियमित और पारदर्शी कार्रवाई की जाए तथा जो भी कार्रवाई हो उसका प्रमाण भी सार्वजनिक किया जाए, ताकि जनता में यह विश्वास बना रहे कि कानून सभी के लिए समान है।
मामला अब केवल पार्किंग का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और नियमों के समान पालन का बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मुद्दे को किस गंभीरता से लेते हैं और क्या लिंक रोड क्षेत्र में अवैध पार्किंग पर स्थायी समाधान निकल पाता है।








