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‘कानून से ऊपर कोई नहीं’: वशिष्ठ वाणी की ग्राउंड रिपोर्ट में मोदी हुंडई मलाड की मनमानी उजागर, क्या BMC-RTO ने टेक दिए घुटने?

मुंबई (मलाड पश्चिम): वशिष्ठ वाणी की ताज़ा ग्राउंड रिपोर्टिंग ने एक बार फिर मलाड न्यू लिंक रोड पर स्थित मोदी हुंडई शोरूम की दादागिरी और प्रशासन की संदेहास्पद चुप्पी को बेनकाब कर दिया है। बार-बार खबरों में आने के बावजूद, शोरूम के बाहर का फुटपाथ आज भी अवैध पार्किंग का शिकार है, जिससे यह साफ होता है कि या तो शोरूम प्रबंधन कानून को कुछ नहीं समझता, या फिर संबंधित अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

वशिष्ठ वाणी की खुली चेतावनी: ‘अब कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे’
वशिष्ठ वाणी सिर्फ खबर छापने तक सीमित नहीं है। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि यदि BMC (P-North Ward) और मुंबई RTO अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते, तो सार्वजनिक सुरक्षा और फुटपाथ के हक के लिए माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। कानून के रक्षकों को यह समझना होगा कि फुटपाथ राहगीरों की सुरक्षा के लिए हैं, न कि शोरूम की व्यावसायिक पार्किंग के लिए।

प्रशासन से सीधे सवाल:

  1. RTO का ‘एक्शन’ कहाँ है?: जब RTO कार्रवाई का दावा करता है, तो शोरूम की गाड़ियाँ अभी तक ‘टोचन’ (Tow) क्यों नहीं की गई?
  2. BMC का नोटिस कहाँ है?: फुटपाथ को अपनी ‘जागीर’ समझने वाले Modi Hyundai Malad को अब तक सख्त कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया गया?
  3. हादसे का जिम्मेदार कौन?: यदि कोई राहगीर इस अवैध पार्किंग के कारण मुख्य सड़क पर दुर्घटना का शिकार होता है, तो क्या BMC और RTO के अधिकारी उसकी जिम्मेदारी लेंगे?

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